मध्यप्रदेश के 13 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों को अब तक मान्यता न मिलने के विरोध में विद्यार्थियों ने राजधानी भोपाल में प्रदर्शन किया। सैकड़ों नर्सिंग छात्रों के साथ NSUI पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य संचालनालय के बाहर लगभग 8 घंटे तक धरना दिया, जिसके बाद मप्र नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार मुकेश सिंह मौके पर पहुंचे और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
दिग्विजय बोले- यह लड़ाई आपकी नहीं,अब हमारी साझा लड़ाई
धरने के बाद छात्र-छात्राएं पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के निवास पर पहुंचे और उन्हें अपनी समस्याएं बताईं। दिग्विजय सिंह ने छात्रों की बात गंभीरता से सुनते हुए कहा कि मैं खुद अधिकारियों से चर्चा कर आपकी मांगों को उठाऊंगा, यह लड़ाई आपकी नहीं, अब हमारी साझा लड़ाई है।
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मान्यता की मांग पर अड़े छात्र
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थी और एनएसयूआई नेता ने मांग की है कि प्रदेश के 13 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों को शीघ्र मान्यता दी जाए, ताकि हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में न पड़े। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि सरकारी कॉलेजों को नजरअंदाज कर प्राइवेट संस्थानों को मनमाने तरीके से मान्यता देना प्रदेश की नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो NSUI प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो NSUI चरणबद्ध आंदोलन को बाध्य होगी। प्रदर्शन में रवि दांगी, सैयद अल्तमस, शुभम दरबार, लक्की चौबे, अभय रामभक्त, रितिक शर्मा, विकास पाटीदार, संदीप सोनगढ़े, सत्यम पांडे, शुभम बोराना, जतिन सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में मौजूद रहे।
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विद्यार्थियों की 5 प्रमुख मांगें
1. सभी 13 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में आवश्यक फैकल्टी की तत्काल नियुक्ति हो।
2. नियमानुसार कॉलेजों को शीघ्र मान्यता दी जाए।
3. प्रवेश प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
4. प्राइवेट कॉलेजों की मान्यता की जांच के लिए विशेष समिति बने।
5. नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता निगरानी हेतु राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी गठित हो।