डॉक्टर ने की आत्महत्या (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) से गायनेकालॉजी में पीजी थर्ड ईयर की जूनियर डॉक्टर सरस्वती ने रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात अपने बेडरूम में खुदकुशी कर ली। उसने बेहोशी की दवाई एनेस्थीसिया का ओवरडोज लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस को मृतका के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। पति बयान देने की स्थिति में नहीं है।
बीती रात पति के साथ थी डॉक्टर
थाना प्रभारी विजय सिंह सिसौदिया ने बताया कि पति क्या करते हैं, पुलिस इसकी पुष्टि करने में जुटी है। बीती रात मृतका डॉ. सरस्वती और उनके पति दोनों साथ थे। सिसोदिया ने बताया कि कहकशां अपार्टमेंट कोहेफिजा निवासी डॉ. सरस्वती पति जयवर्धन चौधरी (27) मूलत: बेंगलूरु कर्नाटक की रहने वाली थी। वह यहां गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में गायनेकालॉजी में पीजी थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। यहां वे अपने पति जयवर्धन चौधरी के साथ रही थीं।
कॉल नहीं उठाने पर हुआ शक
सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे बेंगलूरु में रहने वाले भाई ने जूनियर डॉक्टर सरस्वती को उनके मोबाइल पर कॉल किया, जब उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया तो बहनोई जयवर्धन को कॉल कर बात कराने को कहा। जब जयवर्धन बेडरूम में पहुंचे तो सरस्वती अपने बेड पर बेसुध पड़ी थी। उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने डॉक्टर को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को जूनियर डॉक्टर सरस्वती के बेडरूम से बेहोशी की दवाई व बेहोशी का खाली इंजेक्शन की शीशी मिली है। आशंका जताई जा रही है कि जूनियर डॉक्टर सरस्वती ने दवाई का ओवर डोज लेकर खुदकुशी की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव पति को सौंप दिया।