भोपाल पुलिस ने राजधानी में शिकायत निवारण व्यवस्था को हाई-टेक बनाने की बड़ी पहल की है। अब थानों, चौकियों और प्रमुख चौराहों पर लगाए गए QR कोड स्कैन करते ही नागरिक सीधे पुलिस कमिश्नर को अपनी समस्या, शिकायत या सुझाव भेज सकेंगे। शिकायतों की मॉनिटरिंग स्वयं पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र करेंगे, और समाधान में देरी पर थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय होगी।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस आयुक्त प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नगरीय पुलिस ने बड़ी तकनीकी पहल की है। शहर के सभी थानों और प्रमुख चौकियों पर अब बड़े आकार के QR कोड बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से नागरिक सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक अपनी शिकायत पहुंचा सकेंगे।
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थाने में परेशानी, FIR में देरी, सीधे होगी ऑनलाइन शिकायत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी नागरिक को थाने में शिकायत दर्ज कराने,एफआईआर लिखवाने या किसी भी पुलिस कर्मचारी से व्यवहार संबंधी समस्या होती है, तो वह थाने पर लगे QR कोड को मोबाइल से स्कैन कर तुरंत शिकायत ऑनलाइन भेज सकेगा शिकायत दर्ज होते ही वह सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पहुंच जाएगी और पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र स्वयं रोजाना इन शिकायतों की समीक्षा करेंगे।
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नगरीय यातायात पुलिस भी हुई हाई-टेक
इसके साथ ही भोपाल की यातायात पुलिस ने भी शहर में QR कोड आधारित फीडबैक और शिकायत प्रणाली शुरू की है। शहर के चौराहों, तिराहों और रास्तों पर यातायात से जुड़ी समस्याएं, अव्यवस्थाएं या सुझाव भी नागरिक QR कोड स्कैन कर सीधे भेज सकेंगे।
थाना प्रभारियों पर बढ़ेगी जिम्मेदारी
कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि QR कोड के माध्यम से दर्ज शिकायतों की नियमित ट्रैकिंग की जाएगी।उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई थाना प्रभारी निर्धारित समय में शिकायत का समाधान नहीं करता, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। इस व्यवस्था से नागरिकों को बिना किसी बाधा के सीधे पुलिस कमिश्नर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा और थानों की जवाबदेही भी मजबूत होगी।
सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह सिस्टम
नगरीय पुलिस ने कहा कि QR कोड प्रणाली पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक त्वरित, पारदर्शी और सुलभ बनाने का महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे समस्याओं और सुझावों को साझा करने में सहयोग दें, ताकि कानून-व्यवस्था और सेवा का स्तर और बेहतर किया जा सके।