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Bhopal news: एम्स में महिला डॉक्टर की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त, 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी

Thu, 05 Mar 2026 10:41 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एम्स भोपाल में महिला सहायक प्राध्यापक की मौत के मामले में संज्ञान लिया है। आयोग ने भोपाल पुलिस आयुक्त और संस्थान प्रशासन से 15 दिन के भीतर प्राथमिकी, शव परीक्षण रिपोर्ट और की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी मांगी है। शिकायत में महिला डॉक्टर के साथ मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए।
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एम्स भोपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एम्स भोपाल में कार्यरत एक महिला सहायक प्राध्यापक की मौत के मामले में गंभीर संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की जांच के निर्देश देते हुए 15 दिन के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 5 जनवरी 2026 को महिला डॉक्टर की मौत लंबे समय से हो रहे मानसिक उत्पीड़न और खराब कार्य वातावरण के कारण हुई। शिकायत के अनुसार ट्रॉमा एवं आपातकालीन चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद यूनुस पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं।
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महिला डॉक्टरों की शिकायतों को दबाया
शिकायत में बताया गया है कि पीड़ित डॉक्टर ने अपनी परेशानी को लेकर तीन बार ई-मेल के माध्यम से संस्थान के अधिकारियों को जानकारी दी थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संस्थान में पहले भी महिला डॉक्टरों की शिकायतों को दबाया गया और इस मामले में अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

 पुलिस आयुक्त और एम्स भोपाल के निदेशक को दिए निर्देश
मामले को गंभीर मानते हुए आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटिस जारी किया है। आयोग ने भोपाल के पुलिस आयुक्त और एम्स भोपाल के निदेशक को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच कर प्राथमिकी, शव परीक्षण रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेज आयोग को उपलब्ध कराएं।
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3 वर्षों की शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई का विवरण मांगा
इसके साथ ही एम्स प्रशासन से संस्थान की यौन उत्पीड़न निवारण समिति की जानकारी, पिछले तीन वर्षों में मिली शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई का पूरा विवरण भी मांगा गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।


 
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