पिपलानी इलाके में डीएसपी के साले की मौत के मामले में उसके साथ मारपीट करने वाले आरक्षकों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपी आरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई के जरिए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कड़ा संदेश दिया है कि क़ानून सबके लिए बराबर है। अपराध करने वाला कोई भी हो उसे बख़्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के निर्देश पर ही दो पुलिसकर्मियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार उदित दोस्तों के साथ सी सेक्टर इंद्रपुरी में गुरुवार की रात पार्टी कर रहा था। इसी दौरान पिपलानी थाने के दो आरक्षक सौरभ आर्य और संतोष बामनिया वहां पर पहुंचे। उन्होंने उसके साथ जमकर मारपीट की। दोस्तों न उसे इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया था। वहां उसकी मौत हो गई। वहीं उसके परिवार वालों का कहना है कि उदित की नौकर लगी थी। इसकी खुशी वो मना रहा था।
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पिटाई के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों ने आरोप लगाए थे कि उदित के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मारपीट की इस वारदात का वीडियो भी वायरल हुआ था। शुक्रवार को एम्स में ही शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मौत हार्ट अटैक से नहीं हुई है। मौत का कारण मारपीट है। उदित के पेनक्रियाज में गंभीर चोट आई थी। जिस कारण उसकी जान चली गई। पहले पुलिस ने यह आशंका जताई थी कि शायद उदित की मौत हार्ट अटैक से हुई है। डीसीपी जोन टू विवेक सिंह ने बताया कि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर आरक्षकों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया भी जाएगी।
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क्या है पूरा मामला?
22 वर्षीय उदित गायकी के साथ मारपीट की वारदात पिपलानी थाना क्षेत्र स्थित इंद्रपुरी सी-सेक्टर में श्रेयस कोचिंग सेंटर के पास गुरुवार-शुक्रवार की रात लगभग सवा एक बजे हुई थी। कार एमपी (एमपी-04-सीटी-4532) में उदित उसका दोस्त अक्षत भार्गव और दीपेश बरकड़े थे। इसी दौरान नाइट पेट्रोलिंग करते हुए आरक्षक संतोष बामनिया और सौरव आर्य आ गए। तीनों के साथ पुलिस कांस्टेबल की बहस हुई तो उदित गायकी वहां से कुछ दूर आगे भागा। उसको पकड़ने के बाद शर्ट फटने तक उसे बेरहमी से पीटा गया। फिर उसको पकड़कर वापस वह कांस्टेबल लेकर आया। इसके बाद फिर उसने ताबड़तोड़ डंडे उदित गायकी पर बरसाना शुरू कर दिया। मारपीट करने के बाद कांस्टेबल वहां से चले गए। उदित गायकी, अक्षत भार्गव और दीपेश बरकड़े घर जाने की बजाय वहां से हथाईखेड़ा डैम फिर खजूरी सड़क चले गए। इस दौरान रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ी तो दोस्त साईं अस्पताल ले गए। यहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया।