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MP News: हमीदिया में अब किडनी मरीज भी निश्चिंत होकर करा सकेंगे हार्ट की जांच, सीएम कैथ लैब का किया शुभारंभ

Fri, 07 Nov 2025 07:32 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की सबसे आधुनिक कैथ लैब का शुभारंभ किया। असपताल मे जापान से लाई गई 7.7 करोड़ की इस मशीन से अब किडनी मरीज भी बिना खतरे के हार्ट की जांच करा सकेंगे।
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हमीदिया अस्पताल पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हमीदिया अस्पताल में शुक्रवार दोपहर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की सबसे आधुनिक कैथ लैब का किया। जापान से लाई गई यह हाईटेक बाइ-प्लेन कैथ लैब सिस्टम 7.7 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित की गई है। नई तकनीक के कारण अब किडनी से पीड़ित मरीज भी बिना चिंता के हार्ट की एंजियोग्राफी या अन्य जांचें करवा सकेंगे। अस्पताल में यह सुविधा आज से आम मरीजों के लिए उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैथ लैब के उद्घाटन के बाद यहां पर इंस्टॉल मशीन के बारे में बारीकी से समझा। हमीदिया अस्पताल के चिकित्सकों ने सीएम को बताया कि किस तरह से यह मशीन मरीज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। और इस मशीन के लग जाने से हार्ट के मरीजों को कितनी राहत मिलने वाली है।
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कम डाई, ज्यादा सटीक इमेज
इस नई मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जांच के दौरान बेहद कम मात्रा में कॉन्ट्रास्ट डाई का उपयोग किया जाता है। यही कारण है कि यह तकनीक किडनी रोगियों के लिए सुरक्षित मानी जा रही है। साथ ही स्कैनिंग के दौरान 3डी इमेज बनती है, जिससे दिल और रक्त वाहिनियों की स्पष्ट व सटीक तस्वीर मिलती है। इससे हार्ट में ब्लॉकेज या अन्य जटिलताओं का पता पहले से अधिक सटीकता से लगाया जा सकेगा।
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कैसे काम करती है बाइ-प्लेन कैथ लैब
- नई बाइ-प्लेन कैथ लैब में दो सी-आर्म लगे हैं, जो दो अलग-अलग कोणों से इमेजिंग करते हैं। इससे जांच का समय घटता है और मरीज को ज्यादा देर तक प्रक्रिया में नहीं रहना पड़ता।
- दो सी-आर्म एक साथ कार्य करते हैं, जिससे 3डी इमेज की स्पष्टता बढ़ती है।
- एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में दी जाने वाली डाई की मात्रा कम हो जाती है।
- को स्क्रीन पर धमनियों की बेहतरीन डिटेल दिखाई देती है, जिससे उपचार में तेजी और सटीकता आती है।

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किडनी मरीजों के लिए बड़ी राहत
कैथ लैब में होने वाली एंजियोग्राफी के दौरान डाई का उपयोग ब्लड वेसल्स को दिखाने के लिए किया जाता है। आमतौर पर यही डाई किडनी फंक्शन को प्रभावित करती है और कॉन्ट्रास्ट इंड्यूस्ड नेफ्रोपैथी जैसी स्थिति पैदा कर सकती है। नई तकनीक में कम डाई के उपयोग से किडनी मरीजों के लिए जांच सुरक्षित और आसान होगी।
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टेस्टिंग, ट्रेनिंग और ट्रीटमेंट, तीनों में उत्कृष्टता
डीन जीएमसी भोपाल प्रो. डॉ. कविता सिंह ने बताया कि यह मशीन न केवल हृदय रोग उपचार को आधुनिक बनाएगी, बल्कि मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण में भी मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा, नई कैथ लैब से टेस्टिंग, ट्रेनिंग और ट्रीटमेंट तीनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल होगी। जटिल हृदय रोगों के इंटरवेंशनल उपचार को आसान बनाने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पेशेंट्स के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हृदय रोगियों के उपचार के लिए भोपाल और आस-पास के जिलों के निवासियों को आज बड़ी सुविधा मिल रही है। हमीदिया अस्पताल में आरंभ हो रही नई कैथ लैब यूनिट हार्ट पेशेंट्स के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होगी। हमीदिया अस्पताल वर्षों से सेवा और सुरक्षा का प्रतीक है। कैथ लैब का उद्घाटन जनसेवा की दिशा में एक प्रभावी कदम सिद्ध होगा। राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है।  इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, हमीदिया अस्पताल की डीन डॉ. कविता सिंह, अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. आर.एस. मीणा, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. आर.के. सिंह तथा तकनीशियन, नर्सिंग स्टाफ और प्रबंधन टीम के सदस्य उपस्थित थे।
 
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