भोपाल के कोकता क्षेत्र में स्थित निजी कॉलेज की छात्राओं के साथ हुए लव जिहाद मामले में पांचों गिरफ्तार आरोपियों को अशोकागार्डन पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। भोपाल जिला अदालत ने चार जून तक के लिए पांचों आरोपियों को पूछताछ के लिए थाना पुलिस को सौंपा है। अशोका गार्डन थाने में दो युवतियों ने दुष्कर्म, गैंगरेप, मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कराया है। मंगलवार को आरोपियों से पूछताछ करने के साथ दो आरोपियों को लेकर जाकर उनके घर की शिनाख्ती कराई गई। इसके साथ ही उन दो स्थानों पर भी ले जाया गया, जहां फरहान सहित अन्य आरोपियों ने कॉलेज छात्राओं को नशा कराकर दुष्कर्म कर हिंदू धर्म को अपमानित करते हुए वीडियो बनाए गए थे। लव जिहाद मामले का छठवां आरोपी कोलकाता निवासी अबरार अब भी फरार है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार छोटा चंबल थाना ऐशबाग निवासी फरहान कोकता स्थित एक निजी कॉलेज का छात्र है। उसने अपने ही कॉलेज में गरीब घर की दूसरे जिलों से भोपाल आकर पढ़ने वाली छात्राओं से दोस्ती करता और उन्हें अपने ठिकानों पर लेजाकर जबरन दुष्कर्म करता और उसका वीडियो बनाकर मुस्लिम धर्म और रीति रिवाज अपनाने का दबाव बनाता। फरहान के साथ छह आरोपी इस केस में शामिल हैं। अब तक छह युवतियों ने फरहान और उसके गिरोह के युवकों पर बागसेवनिया, जहांगीरबाद, अशोका गार्डन थानों में प्रकरण दर्ज करा चुकी हैं। फरहान, सैय्यद अली, साहिल, नबील और साद उर्फ शमशुद्दीन को गिरफ्तार किया है। कोलकाता निवासी अबरार फरार है। साद को छोड़कर सभी आरोपी एक ही कॉलेज के छात्र है। अशोका गार्डन पुलिस ने पांचों आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर लिया है। चार जून को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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कॉलेज के डायरेक्टर पर दर्ज नहीं हुआ केस
जिस कॉलेज की आधा दर्जन छात्राओं के साथ लव जिहाद, रेप, गैंगरेप जैसी घटनाएं की गई हैं, उसी कॉलेज के विधि विभाग के डायरेक्टर अरूण पाण्डेय के खिलाफ चार छात्राओं ने छेड़छाड़ करने, बैड टच करने और खुश करने की इच्छा जाहिर करने जैसे आरोपों को लेकर पिपलानी थाने में शिकायत की हैं तीन छात्राओं के बयान भी थाना पुलिस ने दर्ज कर लिया है, लेकिन डायरेक्टर के खिलाफ कोई पकरण दर्ज नहीं किया है। छात्राओं की शिकायत के बाद कॉलेज प्रबंधन ने अरूण पाण्डेय को डायरेक्टर के पद से हटा दिया, लेकिन दूसरे दिन छात्राओं को ही कटघरे में खड़ा करते हुए कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि सभी छात्राओं की अटेंडेंस शार्ट थी, इसलिए परीक्षा फार्म फारवर्ड नहीं किए गए और छात्राओं ने अरूण पाण्डेय पर झूठे आरोप लगा दिए।