नगर निगम और वन विभाग की लापरवाही के कारण पार्क में बार-बार आग लगने की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन कचरा हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस पार्क से बाग मुगालिया एक्सटेंशन, कटारा हिल्स, लहारपुर, ग्लोबल पार्क सिटी, रामायण सिटी समेत कई कॉलोनियां जुड़ी हैं।
लहारपुर इलाके के इकोलॉजिकल पार्क पर शनिवार रविवार की दरमियानी रात एक बजे आग लग गई। आसपास की कॉलोनियों के लोग इस पार्क के पास ही कचरा फेंकते हैं। बताया जा रहा है कि कचरे में लगी आग के कारण ही पार्क में भी आग लग गई। आग की चपेट में आने के कारण पार्क में लगे सैकड़ों पौधे झुलस गए हैं। दर्जन भर दमकल गाड़ियों को आग पर काबू पाने के लिए करीब तीन घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। रात तीन बजे के बाद आग बुझाई जा सकी। इस पार्क में पूर्व में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद पार्क से कचरे को नहीं हटाया जा सका। आग से कुछ औषधीय गुणों वाले पौधे भी झुलस गए हैं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात लहारपुर स्थित पार्क में आग लग गई थी। आग रात करीब एक बजे लगी। लोगों ने जब आग की लपटें देखीं तो तुरंत ही दमकल विभाग को इसकी सूचना दी। रात में ही आसपास के फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद इस आग पर काबू पाया जा सका। करीब तीन घंटे में आग बुझाई जा सकी। बताया जा रहा है कि पूरे पार्क में कचरा फैला हुआ है। नगर निगम और वन विभाग का ध्यान नहीं है। इसी कचरे में आग लगी। पार्क में अलग-अलग जगहों पर पड़े कचरे में आग सुलगती रही। इस पार्क में हर साल आगजनी की घटना होगी है। कभी नरवाई की वजह से आग लगती है, तो कभी कचरे के कारण। बावजूद न तो वन विभाग के अफसर अलर्ट हैं और न ही निगम कचरा उठाता है।
इस पार्क से बाग मुगालिया एक्सटेंशन, कटारा हिल्स, लहारपुर, आसाराम नगर, ग्लोबल पार्क सिटी, अमलतास अपार्टमेंट्स रामायण सिटी, विवेकानंद परिसर, गौरीशंकर कौशल कैंपस समेत कई रहवासी इलाके जुड़े हैं। पार्क में लगी आग अगर बढ़ती तो बड़ा नुकसान भी हो सकता था। गौरतलब है कि आसपास के लोगों के लिए यह पार्क बहुत अहमियत रखता है। लोग रोजाना यहां पर सुबह और शाम की सैर के लिए पहुंचते हैं। इस क्षेत्र के निवासी और समाजसेवी उमाशंकर तिवारी ने बताया कि पार्क में कचरा फेंकने से आग लगी थी। वन विभाग और नगर निगम को सूचना देने के बाद भी कोई ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है।