राजधानी में मधुमेह के बारे में सही जागरूकता फैलाने और लोगों को स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए रविवार को साइक्लोथॉन का आयोजन किया गया। इसकी शुरुआत जेपी अस्पताल परिसर से हुई, जहां बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। प्रतिभागियों ने साइक्लिंग के माध्यम से शहरवासियों को बेहतर जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रैली की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि ‘एवरी पेडल काउंट्स’ थीम पर निकली इस जागरूकता यात्रा में लोगों ने पोस्टर, प्लेकार्ड और बैनरों के माध्यम से डायबिटीज के लक्षण, बचाव और इलाज से जुड़ी जानकारी आमजन तक पहुंचाई। इस आयोजन में वर्ल्ड डायबिटीज फाउंडेशन, रिजॉल्व टू सेव लाइव्स और जपाइगो संस्थाओं का विशेष योगदान रहा।
नियमित व्यायाम को सबसे प्रभावी उपाय बताया
रैली को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि नियमित शारीरिक गतिविधि, खासकर टाइप-2 डायबिटीज की रोकथाम में बेहद कारगर है। उन्होंने सुझाव दिया कि सुबह के समय 5 किलोमीटर की तेज चाल या साइक्लिंग तथा रोजाना कम से कम 40 मिनट का व्यायाम मधुमेह का जोखिम काफी हद तक कम कर देता है।
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इन खाद्य पदार्थों से दूरी जरूरी
आहार संबंधी सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ—जैसे आलू, तरबूज, पाइनएप्पल, सफेद चावल, चीनी, कॉर्नफ्लेक्स और व्हाइट ब्रेड-से परहेज करना चाहिए। इनका अधिक सेवन प्रीडायबिटिक अवस्था को बढ़ावा देता है। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की जांच, सलाह और दवाएं बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध हैं। नियमित जांच और समय पर दवा लेने से मरीज सामान्य जीवनशैली बरकरार रख सकते हैं।
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डायबिटीज के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी
WHO और वर्ल्ड डायबिटीज फेडरेशन के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में विश्वभर में 537 मिलियन से अधिक वयस्क मधुमेह से प्रभावित हैं। अनुमान है कि वर्ष 2045 तक यह संख्या बढ़कर 783 मिलियन तक पहुंच जाएगी। खास बात यह है कि कुल मरीजों में से 75% से ज्यादा निम्न और मध्यम आय वाले देशों में पाए जाते हैं।