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Bhopal news: सीएम के आदेश का नहीं हुआ पालन, RGPV और NHM के आउटसोर्स कर्मचारियों को दिवाली पर नहीं हुआ भुगतान

Wed, 06 Nov 2024 06:38 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

सीएम डॉ. मोहन यादव के आदेश का पालन नहीं किया गया है। दरअसल दीपावली पर आरजीपीवी और एनएचएम के आउटसोर्स कर्मचारियों को अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। जबकि वित्त विभाग ने निर्देश दिए थे कि स्वशासी संस्थाएं भी दिवाली से पहले वेतन दे दें। 
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आरजीपीवी - फोटो : social media
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के सभी कर्मचारी को दीपावली के त्योहार पर समय से पूर्व वेतन देने की घोषणा की थी। लेकिन राजधानी भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी ) और एनएचएम के आउटसोर्स कर्मचारियों को अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। वित्त विभाग ने निर्देश दिए थे कि स्वशासी संस्थाएं भी दिवाली से पहले वेतन दे दें, पर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय में मुख्यमंत्री और वित्त विभाग के इस आदेश का पालन नहीं हुआ। विवि के संविदा कर्मचारियों (प्राध्यापक-अतिथि विद्वानों) को अब तक वेतन नहीं दिया गया है। कर्मचारी बताते हैं कि यह पहली बार नहीं है, हर बार दूसरा महीना पूरा होने के बाद ही वेतन मिलता है।
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सरकार के स्पष्ट आदेश 
संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि दिवाली पर वेतन न मिलने से विवि के कर्मचारियों की दिवाली की खुशियां फीकी ही रहीं। वे कहते हैं कि हर महीने 20 से 25 तारीख को ही इन कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है। सरकार के स्पष्ट आदेश हैं कि हर विभाग में कर्मचारियों को महीने की पहली तारीख को वेतन मिल जाना चाहिए, लेकिन आरजीपीवी प्रबंधन अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों को एक माह विलंब से वेतन दिया जा रहा है। जिस कारण सहायक प्राध्यापक अपने बच्चों की स्कूल की फीस, लोन की ईएमआई नहीं चुका पा रहें हैं। वे कहते हैं कि स्कूल और बैंक की फीस विलंब से देने के कारण पेनल्टी भी देनी पड़ती है। जब प्रबंधन नियमित कर्मचारियों को समय पर वेतन दे रहा है तो संविदा पर कार्यरत सहायक प्राध्यापकों को क्यों परेशान कर रहा है। राठौर ने राज्यपाल और तकनीकी शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर आरजीपीवी के यूडीटी, पॉलीटेक्निक विंग में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों को प्रतिमाह 1 तारीख को वेतन भुगतान करने की मांग की है।


12हजार से अधिक आउटसोर्स परिश्रमिक
एनएचएम संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत 12हजार से अधिक आउटसोर्स परिश्रमिक को शासन के आदेश अनुसार माह की 1 तारीख में परिश्रमिक को वेतन देने के निर्देश दिए गए थे लेकिन कई जिलों में निजी आउटसोर्स एजेंसी अपने मन मुताबिक वेतन दे रही  हैं। शासन के आदेश अनुसार अर्ध कुशल श्रमिक दर मानदेय 11082 दिया जाना था लेकिन कुछ जिलों को छोड़कर अन्य सभी जिलों में चयनित आउटसोर्स एजेंसी द्वारा अपनी मनमर्जी के मुताबिक आउटसोर्स श्रमिकों को वेतन दिया जा रहा है। कोमल सिंह ने बताया कि दीपावली के त्यौहार पर बोनस राशि भी नहीं दी गई जिसकी वजह से कर्मचारियों में आक्रोश व्यक्त है।
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एजेंसी द्वारा लाखों करोड़ों रुपए का घपला
कोमल सिंह ने कहा है कि  पिछले 5 वर्षों से हर महीने जिले में चयनित आउटसोर्स एजेंसी द्वारा लाखों करोड़ों रुपए का घपला कर रही है फिर भी विभागीय मंत्री एवं विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जबकि विभाग में समक्ष लाखों नियमित पद रिक्त हैं फिर भी उन पदों पर  आउटसोर्स श्रमिक कर्मचारियों नियमित नही किया जा रहा है। वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं फिर भी भविष्य सुरक्षित नहीं है। आउटसोर्स श्रमिक कर्मचारी शासन की गलत नीतियों के विरोध में अपने हक अधिकारों की बात करते हैं तो नौकरी से ही हटा दिया जाता है फिर नियम विरोध तरीके से  दक्षता का परीक्षण कराए बिना ना कोई विज्ञप्ति जारी की गई ना कोई रूटेशन का पालन किया गया  ना कोई आरक्षण का पालन किया गया। सीधे लेनदेन करके आउट सोर्स एजेंसी के माध्यम से तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी रिक्त पदों पर रखे जा रहे हैं जो  नियमों के विरुद्ध है।
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