राजधानी भोपाल में एक ऐसा अनोखा चिकित्सकीय मामला सामने आया है जिसने डॉक्टरों को भी हैरत में डाल दिया। भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में एक 57 वर्षीय व्यक्ति को उपचार के लिए भर्ती किया गया, जिसे भोजन तो दूर, पानी निगलने में भी अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। प्रारंभिक जांच में सब कुछ सामान्य प्रतीत हुआ, लेकिन जब एंडोस्कोपी की गई, तो डॉक्टरों ने जो देखा, उसने सभी को चौंका दिया मरीज के फूड पाइप (Esophagus) के निचले हिस्से में दवा का पूरा रैपर फंसा हुआ था।
नशे में निगल लिया था दवा का रैपर
जांच के दौरान मरीज ने बताया कि संभवतः नशे की हालत में उसने दवा को रैपर सहित निगल लिया था। यह रैपर पिछले लगभग एक महीने तक फूड पाइप में फंसा रहा, जिससे वहां गहरी सूजन और घाव बन गए। स्थिति इतनी गंभीर थी कि पानी और खाना पेट तक पहुंचना लगभग बंद हो गया था।
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डॉक्टरों ने 25 मिनट की जटिल प्रक्रिया में निकाला रैपर
बीएमएचआरसी के उदर रोग शल्य विभाग की टीम ने इस दुर्लभ केस का सफल उपचार किया। टीम का नेतृत्व कर रहे सहायक प्रोफेसर डॉ. विशाल पाटिल ने बताया कि मरीज की आहार नली के निचले हिस्से में करीब एक सेंटीमीटर का रैपर फंसा हुआ था। उसका किनारा नुकीला था, जिससे अंदर कई जगह कटाव हो गया था। हमने एंडोस्कोपी के जरिए बहुत सावधानी से रैपर को निकाला। पूरी प्रक्रिया में लगभग 25 मिनट लगे। उन्होंने बताया कि यदि यह रैपर कुछ और दिन वहीं फंसा रहता, तो Esophagus rupture (आहार नली फटने) की स्थिति बन सकती थी, जो मरीज के लिए जानलेवा साबित होती।
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अपने करियर में ऐसा केस पहली बार देखा
डॉ. पाटिल ने बताया कि आम तौर पर बच्चों द्वारा सिक्का, बटन सेल या खिलौना निगलने के मामले अस्पताल में आते हैं, जबकि वयस्कों में हड्डी या दांत के टुकड़े निगलने जैसी घटनाएं देखी जाती हैं। लेकिन किसी व्यक्ति द्वारा पूरी दवा का रैपर निगल लेना बेहद असामान्य है। यह मेरे करियर का पहला और अब तक का सबसे दुर्लभ मामला है।