शहर की सड़कों किनारे लगाई गई गुमठियां और हाथ ठेलों की वजह से ट्रेफिक जाम के हालात बनते हैं, जिसको लेकर नगर निगम ने अमले ने बुधवार को शहर के अलग-अलग हिस्सो से ठेले, गुमठी, पान पार्लर, काउंटर जब्त किए। इधर अवधपुरी के प्रगति नगर में सरकारी जमीन पर बनीं चार पक्की दुकानों को ढहाया गया। अमले ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के आधार पर शहर के अनेक क्षेत्रों से अतिक्रमणों को हटाया।
इन क्षेत्रों हुई कार्रवाई
निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायन के निर्देश पर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते के दलों ने बुधवार को डीआइजी बंगला चैराहा, ईदगाह हिल्स, वाजपेयी नगर, न्यू मार्केट नो व्हीकल जोन, सूरज नगर, भदभदा, बड़वई, करोंद, बुधवारा, कसाईपुरा, ज्योति टाकीज, अवधपुरी, प्रगति नगर, वीआइपी गेस्ट हाउस, अशोका गार्डन, 80 फिट रोड, सब्जी मंडी परिहार चौराहा, कोलार क्षेत्र के फाइन एवेन्यू, बीमाकुंज, कोलार थाना, संस्कार गार्डन, मिसरोद, अलकापुरी, भानपुर, रेतघाट, दानापानी रोड, ईश्वर नगर, अरेरा हिल्स, एमपी नगर क्षेत्रों में सड़कों, फुटपाथों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अवैध रूप रखे ठेले, गुमठियां, गन्ने की चरखी, झुग्गी, काउंटर के अतिक्रमणों को हटाया गया। इसके साथ प्रगति नगर की अवैध दुकानों को बुलडोजर की मदद से ढहाया गया।
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पेंशन भुगतान में देरी से नाराज पेंशनर, कल से देंगे धरना
नगर निगम के सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों की कल्याण समिति के प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण से भेंट कर पेंशन भुगतान में हो रही देरी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। प्रतिनिधियों ने आयुक्त को बताया कि जहां नियमित अधिकारियों और कर्मचारियों को आठ अप्रैल 2025 को वेतन मिल चुका है, वहीं पेंशनरों को अब तक भुगतान नहीं किया गया है। पेंशन न मिलने से पेंशनरों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। कई पेंशनर भरण-पोषण, मकान किराया, बिजली बिल, स्कूल फीस और आवश्यक दवाओं तक की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं ।
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परिवार सहित मुख्यमंत्री निवास पर करेंगे अनिश्चितकालीन धरना
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि 17 अप्रैल तक पेंशन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे अपने परिवार सहित मुख्यमंत्री निवास पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को विवश होंगे। समिति ने इसे पेंशनरों के साथ दोहरी नीति बताते हुए कहा कि यह भेदभाव पूर्णतः अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति की पूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन और अपर आयुक्त (वित्त) की होगी। पेंशनरों ने तत्काल भुगतान की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।