पुराने भोपाल के कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले एक निगरानीशुदा बदमाश ने जिंसी चौराहे के पास पुरानी लक्ष्मीगंज गल्ला मंडी की जमीन पर बने लक्ष्मी परिसर में फ्लैट दिलाने के नाम पर छह लोगों से ठगी की है। हकीकत यह है कि भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) के लक्ष्मी परिसर में बड़ी संख्या में फ्लैट खाली पड़े हैं।
दरअसल, पुराने शहर और सामने स्थित बस्ती की वजह से लक्ष्मी परिसर में जाने को लोग तैयार नहीं हैं। बीडीए की कोशिश है कि सरकारी कर्मचारियों को रहने के लिए यह फ्लैट दे दिए जाए। इसके लिए उसकी स्मार्ट सिटी से बातचीत भी चल रही है। जहांगीराबाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जहांगीराबाद थाने के एएसआई अजय दुबे ने बताया कि गल्लांडी बरखेड़ी निवासी ऋषभ सेन निजी वाहन चलाते हैं। ऋषभ सेन को एक फ्लैट खरीदना था। उनकी मुलाकात कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले शानू उर्फ जीशान उर्फ रहमान पिता छोटे मियां से हुई। शानू बीडीए के लक्ष्मी परिसर में फरियादी को सस्ते दाम में फ्लैट दिलाने का झांसा दिया। फरियादी उक्त लोकेशन में फ्लैट लेने को तैयार हो गया। इसके बाद जालसाज ने कहा कि उसकी बीडीए के अधिकारियों से अच्छी जान-पहचान है। बिना लॉटरी के कुछ घूस देकर फ्लैट का अलॉटमेंट करा देगा। जालसाज के झांसे में आए फरियादी ने उसे सवा लाख रुपये दे दिए।
ऋषभ के साथ ही जालसाज ने सतेंद्र, कप्तान, अशोक सहित छह लोगों को फ्लैट दिलाने का झांसा दिया। किसी से एक तो किसी से सवा लाख रुपये अब तक ले चुका है। पुलिस को आशंका है कि जालसाज कुछ और लोगों से भी रुपए ऐंठ चुका होगा। इसके फरियादी भी सामने आ सकते हैं। आरोपी ने करीब एक साल पहले यह राशि ऋषभ से ली थी। एक साल में फ्लैट का आवंटन नहीं होने पर ऋषभ ने जहांगीराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत पर जांच के बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी शानू के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब छह से अधिक छोटे-बड़े अपराध दर्ज हैं।