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Bhopal: भोपाल में 11% से भी कम महिलाएं कर रही हैं डिजिटल सुरक्षा साधनों का उपयोग,मैनिट के सर्वे में हुआ खुलासा

Sun, 07 Sep 2025 08:19 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मैनिट द्वारा भोपाल के पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा का सर्वे किया गया। जिसमें चौंकाने वाला तथ्य सामने आया । भोपाल में 89 प्रतिशत महिलाएं आधुनिक डिजिटल सुरक्षा साधनों की जानकारी से अनभिज्ञ हैं। वहीं, 11 प्रतिशत से भी कम महिलाएं ऐसे साधनों का उपयोग कर रही हैं। 
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सर्वे टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महिलाओं की सुरक्षा आज समाज का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। इसी दिशा में मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल में पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा का सर्वे किया गया है। जिसमें चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। भोपाल में 89 प्रतिशत महिलाएं आधुनिक डिजिटल सुरक्षा साधनों की जानकारी से अनभिज्ञ हैं। वहीं, 11 प्रतिशत से भी कम महिलाएं ऐसे साधनों का उपयोग कर रही हैं। यह सर्वे प्राध्यापक डॉ. सुप्रिया व्यास के नेतृत्व में डॉ. नेहा प्रणव कोल्हे एवं डॉ. जगदीश सिंह ने किया। इस अध्ययन के तहत शहर के पर्यटन स्थलों, आवासीय इलाकों और प्रतिष्ठित संस्थानों में 384 महिलाओं का तीन दिन सर्वे किया गया।
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इसलिए किया गया सर्वेक्षण
आज के दौर में कई ऐसे डिजिटल टूल्स उपलब्ध हैं, जिनका प्रयोग कर महिलाएं अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं। सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य सभी आयु वर्ग की महिलाओं (10 वर्ष से ऊपर) में आधुनिक सुरक्षा साधनों इनमें मोबाइल ऐप्स, डिजिटल वॉच, और आपातकालीन हेल्पलाइन की जानकारी और उनके प्रभाव का आकलन करना था। साथ ही, महिलाओं को उन मोबाइल ऐप्स और डिजिटल उपकरणों से अवगत कराना था, जिनकी मदद से वे किसी भी पर्यटन स्थल तक पहुंचने के लिए शहर के भीतर सुरक्षित कॉरिडोर (Safe Corridors) का पता कर सकें। इन कॉरिडोर में रोशनदार सड़कें और सक्रिय गलियारे (Active Corridors) शामिल हैं, जो महिलाओं की निडर आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

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डिजिटल तकनीक की जागरूकता अनिवार्य
डॉ. सुप्रिया व्यास ने बताया कि इस सर्वे में यह संदेश गिया गया कि अपराधों की रोकथाम और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए डिजिटल तकनीक की जागरूकता अनिवार्य है। मोबाइल ऐप्स, इमरजेंसी कॉल नंबर और डिजिटल वॉच जैसे उपकरण महिलाओं को आत्मनिर्भर और निडर बना सकते हैं। यह पहल "हमारा सुरक्षित स्थल" की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल महिला सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना भी पैदा करेगी।
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सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन फॉर वीमेन की पहल
डॉ. सुप्रिया व्यास ने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने यूएन वीमेन के सहयोग से महिलाओं की सुरक्षित और अनुकूल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए "सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन फॉर वीमेन" पहल शुरू की है, जिसमें 181 हेल्पलाइन और मायअंबर ऐप जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) 24x7 हेल्पलाइन संचालित करता है, महिलाएं 7827170170 डायल कर जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
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