राजधानी भोपाल के ग्रामीण क्षेत्र बैरसिया के पास नदी में तर्पण करने पहुंचे एक परिवार के साथ एक दर्दनाक हादसा घट गया। नदी के तेज बहाव दो बच्चे बह गए। तभी दादा ने दोनों बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। 70 वर्षीय दादा ने तैरते हुए पोते को तो बचा लिया मगर पोती तक नहीं पहुंच पाए। काफी देर तैरने के बाद तेब बहाव में दादा और पोती दोनों बह गए। बाद में लोगों को दादा का शव तो मिल गया, जबकि बच्ची लापता है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
बैरसिया पुलिस के अनुसार ग्राम खजुरिया रामदास निवासी 70 वर्षीय बाबूलाल साहू अपनी पोती 12 वर्षीय चिंको और एक पोते के साथ ब्रह्मा नदी में तर्पण करने गए थे। आज पूर्णमासी का श्रद्ध कर्म करने के बाद वह सुबह ही तर्पन करने पोता और पोती के साथ नदी के घाट पर पहुंचे थे। इस दौरान पोती नदी की तेज धारा में बहने लगी तो उसे बचाने बुजुर्ग बाबूलाल साहू और उनका पोता भी नदी में कदू गए। पोती के बाद जब पोता डूबने लगा तो पोते को उन्होंने पकड़कर पानी के बाहर रखा। चूंकि पोता अपनी बड़ी बहन को बचाने के लिए पानी में कूदा था, इसलिए वह बाबूलाल साहू के करीब था, जिस कारण पोते को बचा लिया गया। पोते के बचाने के चक्कर में कुछ मिनट का समय और बीत गया, जिस कारण पोती और दूर बह गई। बुजुर्ग ने अपनी जान जोखिम में डालकर पोती को बचाने तेज धार में तैर गए, लेकिन न तो खुद को बचा सके और न ही पोती की जान बचा पाए।
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आधा किलोमीट दूर मिला शव
बुजुर्ग के भी तेज धार में बहने की सूचना के बाद ग्रामीणों ने पूरे नदी के दोनों तरफ उनकी तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद रविवार दोपहर बाद बाबूलाल साहू का शव घटना स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर से बरामद हो सका है। एसडीईआरएफ की टीम बच्ची के शव की तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि हलाली डैम के लबालब होने के कारण उसके दो गेट खोले गए हैं। हलाली डैम के दो गेट खोलने के कारण ही नदी लबालब है और बाढ़ की स्थिति निर्मित हो रही है।