फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal: बालाघाट गैंगरेप मामले में नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को लिखा पत्र, आदिवासियों के हित में की पांच मांगे

Fri, 02 May 2025 07:05 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चियों के साथ हुई गैंगरेप की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है और आदिवासी और दलित समाज के हित में 5 महत्वपूर्ण मांग की हैं। 
विज्ञापन
मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चियों के साथ हुई गैंगरेप की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है और आदिवासी और दलित समाज के हित में 5 महत्वपूर्ण मांग की हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि दिनांक 23 अप्रैल 2025 की रात बालाघाट जिले के दुगलाई गांव में आदिवासी बालिकाओं के साथ अमानवीय घटना घटित हुई, उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। उमंग सिंघार ने पत्र में आगे कहा कि मैंने 30 अप्रैल 2025 को पीड़ित परिवारजनों से भेंट की तथा घटना की जानकारी ली। 
विज्ञापन


यह है पूरी घटना
गौरतलब है कि नौ दिन पहले दुगलाई गांव के हट्टा थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह से लौट रही चार आदिवासी लड़कियों के साथ 7 लोगों ने गैंगरेप किया। इस घटना के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर प्रदेश में महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। मामला में पुलिस ने सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और POCSO एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

यह भी पढ़े-जातिगत जनगणना को लेकर कांग्रेस बोली- केंद्र सरकार बताए स्पष्ट टाइम लाइन, आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
विज्ञापन
विज्ञापन


 मुख्यमंत्री से की गई मांग

1. प्रकरण फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए ताकि दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके।

2. अनुभवी विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति की जाए जो अनुसूचित जनजाति अत्याचार और पोक्सो मामलों में दक्ष हो।

3. पीड़िताओं को न्यूनतम 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि जाए।

4. पीड़िताओं और उनके परिजनों की सुरक्षा हेतु गांव में स्थायी पुलिस बल की व्यवस्था की जाए ताक पीड़ित परिवार की सुरक्षा एवं गरिमा सुरक्षित रहे।

5. आदिवासी एवं दलित महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में हो रही वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली आदिवासी एवं दलित महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्यबल (स्पेशल टास्क फोर्स) का गठन किया जाय।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें