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Bhopal: नर्सिंग काउंसिल के डिप्टी रजिस्ट्रार की अनियमितता उजागर, पद से हटाने की मांग, पीएस तक पहुंची शिकायत

Sun, 24 Nov 2024 05:05 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

नर्सिंग काउंसिल में डिप्टी रजिस्ट्रार ने रजिस्ट्रार की जगह छात्रों के रजिस्ट्रेशन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस मामले को लेकर एनएसयूआई ने विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिख डिप्टी रजिस्टर को तत्काल पद से हटाने और जांच कमेटी गठित करने की मांग की है।
 
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डिप्टी रजिस्ट्रार चंद्रप्रकाश शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल में एक और गंभीर प्रशासनिक अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। जहां पहले रजिस्टर पर कई आरोप लगा चुके हैं वहीं अब डिप्टी रजिस्ट्रार पर रजिस्टर की जगह हस्ताक्षर करने का आरोप लगा है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने डिप्टी रजिस्ट्रार चंद्रप्रकाश शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में छात्रों के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ों पर अनधिकृत हस्ताक्षर किए जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी गहरा असर पड़ सकता है। डॉ शुक्ला स्वयं को वर्तमान चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के रिश्तेदार बताते हैं। वहीं विभाग के उच्च अधिकारियों के संरक्षण में नर्सिंग काउंसिल में नियम विरुद्ध कार्य कर रहें हैं। परमार ने बताया कि वर्तमान रजिस्ट्रार अनिता चांद के पद पर होने के बावजूद भी डिप्टी रजिस्ट्रार चंद्रप्रकाश शुक्ला ने कथित तौर पर 3 सितंबर 2024 को कई छात्रों के रजिस्ट्रेशन पर रजिस्ट्रार की जगह अपने हस्ताक्षर कर दिए ।
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विभाग के प्रमुख सचिव से की शिकायत 
एनएसयूआई ने इस मामले में चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव को पत्र लिखकर डिप्टी रजिस्ट्रार के निलंबन और निष्पक्ष जांच समिति गठन की मांग की है।


एनएसयूआई की प्रमुख मांगें

1. तत्काल निलंबन: डिप्टी रजिस्ट्रार श्री चंद्रप्रकाश शुक्ला को उनके पद से तुरंत निलंबित किया जाए।
2. जांच समिति का गठन: इस प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए।
3. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई: जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
4. छात्रों के हितों की सुरक्षा: रजिस्ट्रेशन से जुड़े छात्रों की शैक्षिक वैधता सुनिश्चित की जाए।
5. भविष्य में पारदर्शिता: नर्सिंग काउंसिल की प्रक्रियाओं में सुधार करते हुए अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त प्रावधान लागू किए जाएं।
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छात्रों के भविष्य को भी संकट
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा, "मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल में अनियमितताओं की श्रृंखला थमने का नाम नहीं ले रही है। यह मामला न केवल काउंसिल की साख पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि छात्रों के भविष्य को भी संकट में डालता है। शासन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। यदि हमारी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो एनएसयूआई छात्रों और अभिभावकों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी।"
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