देशभर में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए दिल्ली में मध्य प्रदेश समेत कई प्रदेशों के जिला अध्यक्षों की बैठक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक दिन पहले ली है। बैठक में एमपी के रेंडमली दो जिला अध्यक्षों को अपनी बात रखने के लिए मौका दिया गया। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला अध्यक्षों ने जिला के अंदर नियुक्तियों का पावर उन्हें देने की मांग की है। हालांकि इस पर पार्टी का कहना है कि पावर तो दिए जाएंगे लेकिन इस पर प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारियों की निगाहें रहेंगी। इस बैठक हुए मंथन के बाद जल्द ही एक नई गाइडलाइन जारी होगी जिसमें जिला अध्यक्षों की भूमिका तय की जाएगी।
वोटर लिस्ट पर करें फोसस, हर दो माह में भेजें रिपोर्ट
इसके अलावा हर 3 महीने में वोटर लिस्ट की जांच करने के भी निर्देश दिए गए है। हर 3 महीने में वोटर लिस्ट में क्या बदलाव आया इसकी रिपोर्ट AICC को भेजने की बात कही गई है। जिला अध्यक्षों को कामकाज की 2 महीने में रिपोर्ट आईसीसी को भेजनी होगी। हर महीने जिला अध्यक्ष को जिला संगठन की बैठक बुलानी होगी। सांसद, विधायक, पार्षद का टिकट तय करने वाली बैठक में जिला अध्यक्ष मौजूद रहेंगे। जिला अध्यक्षों की टिकट में राय ली जाएगी। आपको बता दें कि महाराष्ट्र चुनाव के रिजल्ट के बाद से राहुल गांधी लगातार वोटर लिस्ट को लेकर सवाल उठा रहे हैं
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सेक्टर मंडलम और बूथ को मजबूत करने पर फोकस
गुरुवार को मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया था। जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने बैठक की।पार्टी ने निर्देशित किया है कि साल 2025 को संगठन पर्व की तरह संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना है। सेक्टर मंडलम और बूथ को मजबूत करने पर फोकस करना है। दिल्ली से मिले प्रोग्राम को प्रमुख रूप से करना है। बताया जा रहा है कि जिला अध्यक्षों को बड़े अधिकार मिल सकते हैं। इस बैठक में विधानसभा-लोकसभा की टिकट के अधिकार भी जिला अध्यक्षों को देने की बात हुई है।