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Bhopal: नर्सिंग में प्रवेश के लिए 12वीं में हिंदी जरूरी, परीक्षा पास छात्रों को किया बाहर, दिग्विजय से मिले

Tue, 14 Jan 2025 06:40 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

जिन छात्रों के 12वीं के कोर्स में हिंदी नहीं उन्हें नर्सिंग कोर्स में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। प्रवेश परीक्षा पास कर चुके छात्रो को अब बाहर कर दिया गया है।नाराज विद्यार्थी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बंगले पहुंचे और अपनी परेशानी बताई।
 
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पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बंगले पहुंचे विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेज में आए दिन नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। पहले कॉलेज में भ्रष्टाचार के कारण छात्रों का भविष्य खराब हुआ। अब एक और बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल जिन छात्रों के 12वीं के कोर्स में हिंदी सब्जेक्ट नहीं था उन्हें नर्सिंग काउंसिल में एडमिशन नहीं दिया जा रहा है। उन्हें कहा जा रहा है कि कोर्स में हिंदी और इंग्लिश दोनों होना अनिवार्य है। केवल इंग्लिश नहीं चलेगा। जबकि ये छात्र नर्सिंग कोर्सों में प्रवेश लेने के लिए परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। परेशान विद्यार्थी मंगलवार को राजधानी भोपाल के सतपुड़ा भवन पहुंचे लेकिन वहां उन्हें कोई नहीं मिला जिसके बाद विद्यार्थी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बंगले पहुंचकर उनसे गुहार लगाई है। दिग्विजय ने संबंधित अधिकारी से बात की है।
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परीक्षा पास करने के बाद भी प्रवेश रद्द
मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के निवास पर पहुंचे इन विद्यार्थियों ने कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित परीक्षा और प्रवेश काउंसिलिंग प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं पर अपनी नाराजगी जाहिर की। छात्रों का आरोप है कि परिणाम घोषित होने और प्रवेश देने के बाद हजारों योग्य छात्र-छात्राओं के प्रवेश रद्द किए जा रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने दिया समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को लेकर विभाग के अधिकारियों से चर्चा करेंगे , उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स के साथ हो रहे अन्याय को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
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सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के प्रवेश रद्द करने पर उठे सवाल
इधर सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के प्रवेश रद्द किए जाने पर भी NSUI ने कड़ी आपत्ति जताई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान उन्हें शामिल किया गया, परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिए गए और काउंसिलिंग प्रक्रिया में भी उन्हें प्रवेश दे दिया गया लेकिन अब छात्रों के प्रवेश नियमों को हवाला देकर प्रवेश रद्द किए जा रहे हैं। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यह न सिर्फ नर्सिंग, बल्कि सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के साथ भी अन्याय है। परीक्षा और काउंसिलिंग के दौरान नियमों में बदलाव छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यह दर्शाता है कि नर्सिंग काउंसिल और चिकित्सा शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां हैं। NSUI छात्रों के इस संघर्ष में पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी है। परमार ने कहा है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ , तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।
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एनएसयूआई की प्रमुख मांगे
1. सभी छात्रों को काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
2. सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के प्रवेश रद्द करने का आदेश तत्काल निरस्त हो।
3. नर्सिंग काउंसिल और चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनियमितताओं की जांच की जाए।
4. छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
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