मध्य प्रदेश में छात्र संगठन के चुनाव को लेकर छात्र संगठन लगातार विरोध दर्ज कर रहे हैं। एनएसयूआई ने शनिवार दोपहर कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम “खून से पत्र” भी लिखा। इस प्रदर्शन में छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि 2017 से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए, जो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार तुरंत चुनाव की तिथि घोषित करें और कॉलेजों को तैयारी के निर्देश दे।
छात्रसंघ चुनाव अनिवार्य,नए छात्र नेताओं का उभरना तभी संभव
NSUI कार्यकर्ताओं के द्वारा“खून से पत्र” भी लिखे पत्र में कहा गया कि छात्र हित, नेतृत्व निर्माण और परिसर लोकतंत्र की बहाली के लिए छात्रसंघ चुनाव अनिवार्य हैं। NSUI के मुताबिक, नए छात्र नेताओं का उभरना तभी संभव है। जब नियमित चुनाव हों, वर्ना छात्रों की समस्याएं फीस, हॉस्टल, परिवहन, सुरक्षा, प्लेसमेंट और बुनियादी सुविधाएं उचित मंच तक नहीं पहुंच पातीं।
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प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
NSUI प्रदेश सचिव अमन पठान ने कहा कि यदि एक सप्ताह में सरकार ने स्पष्ट निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा। हर जिले में छात्रों के साथ मिलकर हम रैलियां, ज्ञापन और शांतिपूर्ण धरने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के शीर्ष नेताओं ने छात्रसंघ राजनीति से ही सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी, “ऐसे में चुनाव टालना समझ से परे है। संगठन का दावा है कि यदि सरकार सकारात्मक कदम उठाती है तो वे संवाद के लिए तैयार हैं। ऐसा ना होने पर राज्यव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन होगा।
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