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Bhopal: ओबीसी को 27 नहीं 52 प्रतिशत आरक्षण की मांग, DPSS के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दी सीएम हाउस घेराव की चेतावनी

Sat, 30 Aug 2025 04:38 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

दलित पिछड़ा समाज संगठन (DPSS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के वरिष्ठ नेता दामोदर सिंह यादव ने कहा कि ओबीसी समाज को 27 प्रतिशत की भीख नहीं, 52 प्रतिशत आरक्षण चाहिए। उन्होने कहा है कि हमारी मांगे पूरी नहीं हुईं तो सीएम हाउस घेराव कर आंदोलन तेज करेंगे।
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दलित पिछड़ा समाज संगठन की प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दलित पिछड़ा समाज संगठन (DPSS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के वरिष्ठ नेता दामोदर सिंह यादव ने शुक्रवार को भोपाल में पत्रकार वार्ता में कहा कि ओबीसी समाज को 27 प्रतिशत की भीख नहीं, 52 प्रतिशत आरक्षण चाहिए। यादव ने सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों पर ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर “सस्ती राजनीति करने का आरोप लगाया। यादव ने कहा कि अगर हमारी पार्टी को बैठक में बुलाया जाता तो चर्चा 27 प्रतिशत नहीं बल्कि 52 प्रतिशत आरक्षण की होती। सरकार और विपक्ष दोनों ही ओबीसी समाज के साथ अन्याय कर रहे हैं। अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुईं तो हम सीएम हाउस घेराव कर आंदोलन तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को DPSS ने विधानसभा घेराव कर 52 प्रतिशत आरक्षण की मांग रखी थी। बावजूद इसके, 28 अगस्त को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जो सर्वदलीय बैठक बुलाई उसमें आज़ाद समाज पार्टी को शामिल नहीं किया गया।
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विधायक पर FIR दर्ज की जाए और कलेक्ट को हटाया जाए
दामोदर यादव ने भिंड से भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कलेक्टर बंगले पर जाकर हमले की कोशिश की। यादव ने मांग की कि विधायक पर एफआईआर दर्ज की जाए और विवादित कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जब मैंने किसानों की समस्याओं को लेकर भिंड में धरना दिया था तब इसी कलेक्टर ने मुझ पर और एएसपी प्रदेश अध्यक्ष सतेंद्र विद्रोही पर प्रकरण दर्ज कराया था। लेकिन जब सत्ता पक्ष के नेता खुलेआम गालीगलौज करते हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या प्रदेश में अलग-अलग दलों के लिए अलग-अलग कानून हैं?”


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कांग्रेस सरकार गिरने का कारण दिग्विजय सिंह का स्वार्थ
उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस में प्रदेश उपाध्यक्ष और पिछड़ा वर्ग विभाग का कार्यकारी अध्यक्ष रह चुका हूं। 2020 में कांग्रेस सरकार गिरने का कारण दिग्विजय सिंह का स्वार्थ और कमलनाथ का दबाव में रहना था। आज दोनों अपने बेटों के राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। यादव ने हाल ही में संतों और नेताओं के बीच चल रही बयानबाजी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश में इस समय नेता और बाबा श्रेष्ठता साबित करने की होड़ में हैं। रामभद्राचार्य जहां प्रेमानंद जैसे संत को अज्ञानी बता रहे हैं वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ एक-दूसरे पर ही सरकार गिराने का आरोप लगा रहे हैं।

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