राजधानी भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में सवा माह पहले 26 जुलाई को एक हलवाई युवक की हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हलवाई को किसी और ने नहीं उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मारा था।
हलवाई को पत्नी के अवैध संबंधों का पता चल गया था, जिस वजह से वह पत्नी को प्रेमी से मिलने से रोकता था। पत्नी ने इस कारण प्रेमी के साथ मिलकर हमेशा के लिए पति को रास्ते से हटाने उसकी हत्या की थी। युवक की चार माह पहले ही खंडवा निवासी युवती से शादी हुई थी। बागसेवनिया पुलिस ने इस मामले में पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य युवक को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी पत्नी और उसका प्रेमी भोपाल से भागते वक्त सीसीटीवी में भी कैद हो गए थे।
बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार 35 वर्षीय मानिक सिंह थाना क्षेत्र में स्थित पुरानी बस्ती बागमुगलिया में रहता था। वह हलवाई था। चार माह पहले उसकी शादी खंडवा निवासी आरती नाम की युवती से हुई थी। 24 जुलाई को आरती अपने मायके वापस चली गई थी। 27 जुलाई को उसकी लाश घर से बरामद की गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मानिक सिंह के गले में चोट के निशान हैं। नुकीली वस्तु के निशान थे। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि पति-पत्नी में विवाद होता रहता था। पुलिस ने बुलाया तो उसकी पत्नी आरती खंडवा से भोपाल बयान देने आई, लेकिन पति की मौत का उसे कोई गम नहीं था। वह बयान देने के तुरंत बाद खंडवा चली गई।
राजस्थान में काटी फरारी
इस बीच आरती को शक हो गया कि पुलिस को उस पर शक है, इसके बाद वह अपने प्रेमी के साथ राजस्थान भाग गई। पुलिस उससे दोबारा पूछताछ करने खंडवा पहुंची तो आरती और उसका कथित प्रेमी नहीं मिला। बाद में आरती ने फोन बंद कर लिया।
राजा वर्मा से था प्रेम-प्रसंग
थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ में आरती ने बताया है कि वह शादी के पहले से राजा वर्मा के साथ प्रेम-प्रसंग में थी। परिजनों को उसके प्रेम संबंधों का पता चला तो आनन-फानन में उसकी शादी भोपाल निवासी मानिक सिंह से कर दी। लेकिन वह लगातार राजा के संपर्क में थी, इस कारण मानिक सिंह को शक हो गया था। वह राजा वर्मा के साथ रहने के लिए पति की हत्या कराई है। आरती का प्रेमी राजा वर्मा ने दोस्त रंजीत वर्मा के साथ मिलकर हत्या की।
भोपाल आकर हत्या की और वापस खंडवा चले गए
थाना प्रभारी ने बताया कि 24 जुलाई का मानिक सिंह और आरती में राजा से अवैध संबंधों के चलते विवाद हुआ। इसके बाद आरती मायके चली गई और पति का रास्ते से हटाने की बात राजा से बताई। इसके बाद 26 जुलाई को आरती अपने प्रेमी राजा वर्मा और उसके चचेरे भाई रंजीत वर्मा के साथ भोपाल आई। दरवाजा खटखटाया तो मानिक सिंह ने दरवाजा खोला। सिंह के दरवाजा खोलते हुए राजा को देखा तो पूछा यह कौन है, तब आरती ने बताया कि यह मेरा प्रेमी है और मैं अब तुम्हारे साथ नहीं रहूंगी। इसके बाद दोनों में विवाद हो गया और आरती और राजा ने दुपट्टे से उसका गला दबा दिया। फिर राजा वर्मा ने चाकू से उसके गले में वार किए और देर रात ही तीनों आरोपी ट्रेन से खंडवा फरार हो गए थे।