भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई नर्स की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दोस्त ही कातिल निकला। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने नर्स को मिलने के लिए घर बुलाया था। उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में गला दबाकर हत्या कर दी। मामले को छिपाने लिए युवक ने डॉक्टर और पुलिस को बताया कि चक्कर आने से नर्स गिर गई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या करने और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी जोन क्रमांक-3 रियाज इकबाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 37 वर्षीय महिला मूलत: केरल की रहने वाली थी। वह बागसेवनिया इलाके में अपने 11 साल के बेटे के साथ रहती थी और बावड़िया कला स्थित एक निजी अस्पताल में नर्सिंग सुपरवाइजर का काम करती थी। करीब पांच साल पहले वह लालघाटी स्थित एक निजी अस्पताल में नौकरी करती थी। उस वक्त उसकी दोस्ती अस्पताल के एडमिन इंचार्ज दीपक कटियार (31) से हो गई थी। मूलत: कानपुर निवासी दीपक लालघाटी स्थित एक फ्लैट में रहता था। दोस्ती होने के कारण दीपक और नर्स का एक-दूसरे के घर आना-जाना था।
बुधवार दोपहर को नर्स दीपक से मिलने के लिए उसके फ्लैट पर पहुंची। देर रात करीब डेढ़ बजे दीपक बेहोशी की हालत में उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने चेक करने के बाद मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को दीपक ने बताया कि नर्स चक्कर आने पर गिर गई थी, जिसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई। मामला संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने शुक्रवार को पीएम कराया तो पता चला कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई है।
दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो खुला राज
घटना के बाद पुलिस के पकड़े जाने के डर से दीपक भोपाल से बाहर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस उस पर नजर रखे हुए थी। शनिवार को उसे भोपाल छोड़ने से पहले हलालपुरा बस स्टैंड के पास से हिरासत में लिया गया। मेडिकल फील्ड का जानकार होने के कारण वह पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने नर्स की हत्या करना स्वीकार कर लिया। दीपक ने पुलिस को बताया कि करीब पांच साल से दोनों के बीच दोस्ती थी। पिछले साल अप्रैल 2023 में उसने एक युवती से शादी कर ली तो नर्स अक्सर उससे विवाद करने लगी थी। नर्स से छुटकारा पाने के लिए उसने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।
इस प्रकार दिया घटना को अंजाम
पिछले दिनों दीपक की पत्नी और उसके माता-पिता अपने गृहनगर कानपुर चले गए थे, जिसके बाद से दीपक घर पर अकेला था। बुधवार दोपहर को उसने नर्स को घर बुलाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसे समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन नर्स उसकी बातें मानने को तैयार नहीं थी। इसके चलते रात करीब आठ दीपक ने गला दबाकर नर्स की हत्या कर दी और करीब चार घंटे तक शव घर में ही रखे रहा। इस बीच उसने घर की साफ-सफाई कर दी। रात करीब एक बजे निजी अस्पताल की एम्बुलेंस बुलाई तो डॉक्टर ने नर्स को मृत बताया। उसके बाद नर्स के अस्पताल की एम्बुलेंस बुलाकर इलाज के लिए लेकर पहुंचा, तो वहां के डॉक्टरों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी।