बरसात के मौसम को देखते हुए संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़ी एजेंसियों की बैठक लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने जलभराव, गड्ढों, ब्लैक स्पॉट, मेट्रो से क्षतिग्रस्त सड़कों और संत हिरदाराम नगर ओवरब्रिज के धीमे निर्माण पर नाराजगी जताई है।
बरसात के मौसम में राजधानी की सड़कों की बदहाल स्थिति और निर्माण कार्यों की सुस्त रफ्तार पर संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़ी सभी एजेंसियों की बैठक लेकर उन्होंने साफ निर्देश दिए कि बारिश के दौरान कहीं भी जलभराव और खराब सड़कों की शिकायत नहीं आनी चाहिए। जहां शिकायत मिले, वहां तत्काल कार्रवाई हो और आम लोगों को परेशानी न होने पाए।
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धीमे ओवरब्रिज निर्माण पर जताई नाराजगी
संभागायुक्त ने संत हिरदाराम नगर में बन रहे ओवरब्रिज के निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण एजेंसी को तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
गड्ढों की शिकायत पर तुरंत हो कार्रवाई
बैठक में नगर निगम और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि बारिश के दौरान सड़कों की लगातार निगरानी की जाए। जहां भी गड्ढों या सड़क खराब होने की शिकायत मिले, वहां कम से कम समय में मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण का समय बेहद कम होना चाहिए।
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गैस पाइपलाइन और सड़क निर्माण में रहे तालमेल
संभागायुक्त ने सड़क निर्माण एजेंसियों और गैस आपूर्ति एजेंसी के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण या मरम्मत के दौरान रसोई गैस की पाइपलाइन किसी भी स्थिति में क्षतिग्रस्त नहीं होनी चाहिए और गैस आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।
सिंहस्थ और वैश्विक निवेश सम्मेलन की तैयारियों पर फोकस
संभागायुक्त ने कहा कि आगामी सिंहस्थ और जनवरी में प्रस्तावित वैश्विक निवेश सम्मेलन को देखते हुए भोपाल आने वाले सभी प्रमुख मार्गों की स्थिति बेहतर होनी चाहिए। विशेष रूप से भोपाल-सागर-कानपुर मार्ग पर सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सांची और भोजपुर जैसे पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों को भी दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया।
ब्लैक स्पॉट हटाने और मेट्रो से क्षतिग्रस्त सड़कें सुधारने के निर्देश
बैठक में भोपाल और आसपास के दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए। जहां तत्काल सुधार संभव नहीं हो, वहां चेतावनी संकेतक लगाने को कहा गया। इसके अलावा मेट्रो निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए। संभागायुक्त ने कहा कि सभी विभागों और निर्माण एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय ही बेहतर सड़क व्यवस्था की कुंजी है। लक्ष्य यही होना चाहिए कि बरसात के दौरान राजधानी की सड़कें सुरक्षित रहें और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।