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Bhopal: सौरभ शर्मा की जमानत के  विरोध में उतरी कांग्रेस, PCC के बाहर किया प्रदर्शन, लोकायुक्त भंग करने की मांग

Wed, 02 Apr 2025 04:48 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत मिलने का कांग्रेस पार्टी लगातार विरोध कर रही है। बुधवार को पीसीसी में कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकायुक्त को भंग करने की मांग की। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।
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पीसीसी में प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक दिन पहले परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत मिलने का कांग्रेस पार्टी लगातार विरोध कर रही है। बुधवार को पीसीसी में कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकायुक्त को भंग करने की मांग की। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकायुक्त का पुतला भी जलाया। पुलिस के पुतला छीनने के दौरान जमकर धक्का मुक्की भी हुई। कांग्रेस ने कहा कि लोकायुक्त 60 दिन में चालान पेश नहीं कर सकी, ऐसी संस्था किस काम की जो चालान नहीं पेश कर पाई। 
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दिल्ली के डिप्टी सीएम को 6 महीने नहीं मिली जमानत
मुकेश नायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश में खुलेआम भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि दिल्ली के डिप्टी सीएम को छह महीने जमानत नहीं मिलती, लेकिन एक पूर्व कांस्टेबल जो भ्रष्टाचार में रंगे हाथों पकड़ा गया उसे जमानत मिल गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खुलेआम भ्रष्टाचार चल रहा है। जिन अधिकारियों के कारण चालान पेश नहीं हुआ उन पर कार्रवाई होना चाहिए। लोकायुक्त तत्काल भंग कर दूसरी संस्था बननी चाहिए, जिससे सही तरह से जांच हो सके।

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60 दिन में चालन क्यों नहीं हुआ पेश
नायक ने कहा कि बीजेपी जनता की आंखों में धूल झोंकने में लगी हुई है। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि 60 दिन में चालान पेश क्यों नहीं किया। जांच के बीच में लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद को क्यों हटाया गया। भ्रष्टाचार के मामले में 576 मामलों में अभियोजन की स्वीकृति क्यों नहीं दे रही है। मुकेश नायक ने आगे कहा कि लोकायुक्त पहरेदार होने की बजाय हिस्सेदार हो गई है। ऐसी संस्था को भंग कर देना चाहिए, जो भ्रष्टाचार में शामिल हो गई है। सौरभ शर्मा मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।

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सरकार से पूछे सवाल  
1.  सौरभ शर्मा मामले में चालान पेश न करने की नाकामी के पीछे कौन जिम्मेदार है?
2. जयदीप प्रसाद का ट्रांसफर क्या इस मामले को दबाने की साजिश का हिस्सा है?
3. भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में अभियोजन की अनुमति रोककर सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण क्यों दे रही है?
4. लोकायुक्त की बार-बार नाकामी के बावजूद इस भ्रष्ट संस्था को क्यों ढोया जा रहा है?

काग्रेस की मांग 
1.  सौरभ शर्मा मामले की निष्पक्ष जांच हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में हो।
2.   जयदीप प्रसाद के ट्रांसफर और समयावधि में चालान पेश नहीं करने के कारणों की विस्तृत जांच हो।
3.  लोकायुक्त संस्था को तत्काल भंग कर इसकी जगह एक स्वतंत्र और प्रभावी संस्था का गठन किया जाए।
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