राजभवन के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक
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मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान के बाद से ही लगातार उनका विरोध हो रहा है। मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों का प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग की। इसके बाद कांग्रेसी विधायक काले कपड़ों में राजभवन के बाहर धरने पर बैठ गए और मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करने के नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार कोर्ट से नहीं चलती सरकार को मुख्यमंत्री चलाते हैं। राज भवन के बाहर धरना दे रहे कांग्रेस विधायकों को पुलिस ने जबरन उठा दिया। कई विधायकों के हाथ-पैर पड़कर पुलिस ने बस में भरा और सारे विधायकों को गिरफ्तार कर ले गई।
देश को अपमानित करने का काम किया
इस दौरान धरने में शामिल प्रदेश के खरगोन जिले की कसरावद विधानसभा से विधायक सचिन यादव ने कहा कि, विजय शाह ने देश को अपमानित करने का काम किया है । उन्होंने बहन-बेटियां, सेना एवं देश की अखंडता को खण्डित करने का जो काम किया है, वो निंदनीय है । इसको लेकर सरकार को तत्काल मंत्री विजय शाह को मंत्रिमंडल से बाहर करना चाहिए ।
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कोर्ट ने दिए थे एफआईआर के निर्देश दिए
मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने उनके इस बयान पर स्वत: संज्ञान लिया था। जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच ने डीजीपी को मंत्री शाह पर एफआईआर के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विजय शाह के खिलाफ धारा 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।