मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नवंबर माह में ठंड रिकॉर्ड बना रही है जहां 10 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है वहीं अब 83 साल पुराने रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। राजधानी भोपाल का तापमान 8.8 डिग्री तक लुढ़क गया है। भोपाल के साथ प्रदेश के ज्यादातर शहरों में ठंड बढ़ गई है 8 से ज्यादा शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि 25 नवंबर के बाद ठंड और बढ़ेगी। शनिवार को भोपाल में सुबह-सुबह धुंध का असर रहा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में मध्यम कोहरे का असर देखने को मिला। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में रातें तो ठंडी है ही, दिन में भी पारा 26 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। हिल स्टेशन पचमढ़ी, अमरकंटक, कल्याणपुर, शाजापुर-राजगढ़ जैसे छोटे शहर सबसे ठंडे हैं।
पचमढ़ी में 6.6 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर
प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में टेम्प्रेचर 6.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह प्रदेश में सबसे कम रहा। मंडला में 7.4 डिग्री, उमरिया में 8.9 डिग्री, राजगढ़ में 9.2 डिग्री, नौगांव में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह रायसेन में 10 डिग्री, छिंदवाड़ा में 10.6 डिग्री, गुना में 11 डिग्री, टीकमगढ़ में 11.2 डिग्री, खंडवा-रीवा में 11.4 डिग्री, सतना में 11.5 डिग्री बैतूल में 11.7 डिग्री, सिवनी-सीधी में 12.2 डिग्री, दमोह-खजुराहो में 12.4 डिग्री, रतलाम में 12.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 12.6 डिग्री में रहा।
जाने कैसा रहेगा आगे का मौसम
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि पश्चिम-उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम हवाओं की वजह से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है, जिसकी वजह से प्रदेश में सर्द हवाएं आ रही हैं।अगले 24 घंटे में हवाओं का रुख बदलने से रविवार रात के तापमान में हल्की वृद्धि होगी लेकिन इसके बाद तेजी से गिरावट आएगी। दिसंबर में सर्दी का असर और भी तेज होगा, जिससे शीतलहर, धुंध और कोहरे जैसी स्थिति बनेगी। प्रदेश के बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में तापमान सामान्य (15 डिग्री) से 5.6 डिग्री तक नीचे पहुंच गया है। भोपाल में सबसे ज्यादा गिरावट हुई है, जबकि जबलपुर दूसरे नंबर पर है। इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 12 डिग्री के आसपास है।
प्रदेश में ठंड के साथ प्रदूषण का भी असर
मध्य प्रदेश में जहां ठंड अपना असर दिखा रही है वहीं एक्यूआई भी बढ़ हुआ है। जिससे बच्चे बुजुर्ग और बीमारियों से ग्रसित लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शनिवार को प्रदेश की राजधानी भोपाल का एक्यूआई लेवल 253, जबलपुर में 151, उज्जैन में 188, ग्वालियर में 157 और इंदौर 194 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ।इससे पहले शुक्रवार की बात करें तो भोपाल का एक्यूआई लेवल 265,जबलपुर में 262, उज्जैन में 265, ग्वालियर में 260 और इंदौर में 133 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ था।