एमपी कांग्रेस में लंबे इंतजार के बाद प्रदेश भर के 71 शहरी और ग्रामीण जिला अध्यक्षों की घोषणा एक दिन पहले की गई लेकिन घोषणा के बाद नेताओं में विरोध के स्वर सामने आने लगे हैं। कई नेताओं ने अपने सभी पदों से इस्तीफा भी दे दिया है और पार्टी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बढ़ते विरोध के बीच पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि वंचित रहे साथियों को शीघ्र ही नई जिम्मेदारी दी जाएगी।
नई जिम्मेदारी दी जाएगी
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘कांग्रेस परिवार के जांबाज साथियों, अब हमें मिलकर संगठन सृजन अभियान के अगले पड़ाव की ओर कदम बढ़ाना है। कांग्रेस के विचार और संस्कार को जन-जन तक, पंचायतों तक लेकर जाना है। सभी के सर्वश्रेष्ठ योगदान से ही सशक्त संगठन मप्र में कांग्रेस की पहचान है। संगठन निर्माण की इस प्रकिया में चयन से वंचित रहे साथियों को शीघ्र ही नई जिम्मेदारी दी जाएगी।
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एक ही लक्ष्य 2028 में कांग्रेस की सरकार बनाना
पटवारी ने आगे लिखा कि अगले मोर्चे के लिए भी हमें जी-जान से जुटकर तैयारी करनी है। जन-मन/घर-घर तक कांग्रेस की रीति-नीति को पहुंचाना है। सिर्फ एक लक्ष्य कि 2028 में कांग्रेस सरकार बनाना है। एक बार पुन: बधाई और अग्रिम शुभकामनाएं।
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ऑब्जर्वर के रिपोर्ट के आधार पर हुआ चयन
इधर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने नए जिला अध्यक्षों की सूची और मचे बवाल पर कहा कि राहुल गांधी ने संगठन सृजन के नए कॉन्सेप्ट का पहला प्रयोग गुजरात मे किया। मध्यप्रदेश में भी राहुल गांधी के नेतृत्व में संगठन सृजन हुआ। मैं भी पीसीसी की तरफ से रायसेन में था। यह कार्यक्रम 2028 के विधानसभा चुनाव के लिये चल रहा है। जिला अध्यक्षों का चयन एआईसीसी के ऑब्जर्वर के रिपोर्ट के आधार पर हुआ है। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपना देखे, उनकी खुद की प्रदेश की कार्यकारिणी नही बन पा रही है। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्णय नहीं कर पा रही है। कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। इससे संगठन और मजबूत होगा। विरोध एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जब कोई नई टीम बनती है।