राजधानी भोपाल में दुर्गा विसर्जन का महापर्व श्रद्धा, भक्ति और शांति के साथ मनाया जा रहा है। शुक्रवार शाम शहर में श्री हिंदू उत्सव समिति द्वारा आयोजित मुख्य दुर्गा चल समारोह निकाला जा रहा है, जिसमें छोटी-बड़ी मिलाकर 300 से अधिक प्रतिमाएं शामिल हो रहीं हैं। यह चल समारोह भोपाल ही नहीं, बल्कि विदिशा और गंजबासौदा जैसे आसपास के जिलों से आई दुर्गा प्रतिमाओं के साथ और भी भव्य बन गया।
चल समारोह का भव्य मार्ग
श्री दुर्गा चल समारोह की शुरुआत सेंट्रल लाइब्रेरी से हुई, जो इतवारा, जैन मंदिर रोड, मंगलवारा चौराहा, हनुमानगंज छोटा भैया कॉर्नर, जनकपुरी, सिंधी मार्केट, भवानी चौक सोमवारा होते हुए कमलापति घाट, प्रेमपुरा घाट और खटलापुरा घाट की ओर बढ़ा। भव्य झांकियों, बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ निकले इस शोभायात्रा ने शहर के माहौल को भक्तिमय कर दिया।
घाटों पर विसर्जन जारी, प्रशासन ने संभाली कमान
भोपाल के खटलापुरा, प्रेमपुरा, शाहपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा, ईटखेड़ी, मालीखेड़ी, नरोन्हा सांकल समेत 11 प्रमुख घाटों पर विसर्जन का सिलसिला जारी है। प्रशासन के अनुसार, कुल 7 हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन तीन दिनों में होगा। छोटी प्रतिमाएं विशेष कुंडों में विसर्जित की जा रही हैं, जबकि बड़ी मूर्तियों के लिए क्रेन और जेसीबी की मदद ली जा रही है। रानी कमलापति घाट पर आज देर रात तक मूर्तियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
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5000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
घाटों पर सुरक्षा, सफाई और भीड़ नियंत्रण के लिए 5000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। बेरिकेडिंग, गोताखोर, क्रेन, लाइफ जैकेट और कंट्रोल रूम की व्यवस्था के साथ-साथ हर मूर्ति की सुरक्षित विसर्जन की निगरानी की जा रही है। प्रशासन के मुताबिक, बड़ी मूर्तियों के लिए अलग पॉइंट तय किए गए हैं। यदि कोई मूर्ति बहुत विशाल है तो उसे प्रेमपुरा घाट भेजा जा रहा है।
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यातायात व्यवस्था में बदलाव, भारी वाहनों पर रोक
दुर्गा विसर्जन के चलते भारत टॉकीज, इतवारा, जुमेराती, पीरगेट, मोती मस्जिद, रेतघाट और कमलापति घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर शाम 5 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों के उपयोग की अपील की गई है।