भोपाल नगर निगम तमाम कोशिश और दावों के बाद भी टैक्स वसूली के मामले में प्रदेश के छोटे जिलों से भी फिसड्डी साबित हो रहा है। शहर में पिछले साल के मुकाबले इस साल की वसूली अभी तक पिछड़ती नजर आ रही है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त तक बीएमसी ने करीब 181 करोड़ रुपए राजस्व वसूला था, जबकि इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अब तक करीब 140 करोड़ रुपए ही निगम के खजाने में आए हैं। यानी इस बार अब तक 41 करोड़ रुपए कम वसूली हुई है। जबकि इस वर्ष टेक्स में 15 फीसदी तक वृद्धि हुई है। 31 अगस्त तक 6 प्रतिशत की छूट दिए जाने के बाद भी लोग टैक्स जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। खास कर पुराने शहर में वसूली की सबसे खराब स्थिति है।
लक्ष्य किसी भी कीमत पर हासिल किया जाना चाहिए
कमिश्नर हरेंद्र नारायण ने शुक्रवार को सभी जोनल अधिकारियों के साथ हुई राजस्व समीक्षा बैठक में निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक ज़ोन को 31 अगस्त तक 1 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये के बीच कर वसूली करनी होगी। कमिश्नर नारायण ने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य "किसी भी कीमत पर" हासिल किया जाना चाहिए। कमिश्नर ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले वर्ष की वसूली के बराबर ही नहीं, बल्कि उससे भी आगे निकलना है। निगम को अगस्त के अंत तक कुल 200 करोड़ रुपये की वसूली करनी होगी।
जोन 3 के अधिकारी की खिंचाई
सूत्रों के अनुसार, समीक्षा बैठक के दौरान, कमिश्नर नारायण ने ज़ोन 3 के अधिकारी अनंत त्यागी को खराब प्रदर्शन के लिए कड़ी फटकार लगाई। जोन 3, जो पुराने शहर के कुछ हिस्सों को कवर करता है, ने हाल के वर्षों में लगातार सबसे कम वसूली दर्ज की है। बीएमसी के राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार प्रयासों के बावजूद, इस क्षेत्र से राजस्व संग्रह उम्मीद से काफी कम है। आयुक्त नारायण ने कहा कि संग्रह को बढ़ावा देने के लिए, बीएमसी वर्तमान में 31 अगस्त से पहले किए गए संपत्ति कर भुगतान पर 6% की छूट दे रही है, जिससे नागरिकों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए केवल एक सप्ताह का समय मिल रहा है।
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60 फीसदी रिकवरी का टारगेट
राजस्व विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक टैक्स वसूली के मामले में भोपाल काफी पीछे है। जबकि डिंडोरी और सीधी जैसे छोटे जिलों में अच्छी रिकवरी हो रही है। जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल से 31 अगस्त 2025 तक के लिए दिए गए टारगेट में सबसे अधिक 116 प्रतिशत वसूली डिंडोरी जिले में की गई। 87 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर सीधी जिला है। भोपाल 21 वेंनंबर पर है। भोपाल कुल राशि में से 60 फीसदी रिकवरी का टारगेट दिया गया था। इसके बाद भी यह स्थिति है।
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इसलिए वसूली में पिछड़े
भोपाल निगम अफसरों का कहना है कि पुराने शहर में करदाता समय पर टैक्स जमा नहीं करते हैं, जिसकी वजह से वसूली का आंकड़ा प्रभावित होता है। निगम प्रशासन पुराने शहर पर ज्यादा फोकस कर रहा है। मकान मालिकों से बातचीत भी की जा रही है। निगम कमिश्नर लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर वसूली में तेजी लाने पर जोर डाल रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 31 अगस्त तक निगम कितनी वसूली कर पाता है।