एक हजार रुपये के एरियर सहित वार्षिक वेतन वृद्धि के भुगतान की मांग को लेकर गुरुवार को आशा, उषा कार्यकर्ता राजधानी भोपाल में प्रदर्शन करने पहुंचीं। आशा उषा कार्यकर्ताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले जो वादे किए गए थे वे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। हम सरकार से विनती करते हैं कि हमारी मांगें तत्काल पूरी की जाए अन्यथा हम बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रदर्शन कर रही आशा उषा कार्यकर्ताओं ने वर्षिक वेतन वृद्धि के एरियर सहित भुगतान, प्रोत्साहन राशि का समय पर बिना कटौती के नियमित रूप से भुगतान करने गैर विभागीय कार्य पर रोक लगाने, अधिकारियों द्वारा अनुचित व्यवहार को रोकने की मांग की।
आशा उषा कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगें
1- आशा, उषा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन 18000 रूपये दिया जाए।
2- आशा, उषा कार्यकर्ताओं को नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए।
3- आशा, उषा कार्यकर्ताओं न्यूनतम वेतन 18000 रुपये दिया जाए।
4- आशा, उषा को मोबाइल एवं रिचार्ज इंटनेट डाटा दिया जाए।
5- आशा, उषा की ड्युटी का समय निश्चित किया जाए।
6- आशा, उषा को रिटायर्ड होने पर 10,00,000 एकमुश्त राशि दी जाए, ताकि वृद्ध अवस्था में वे अपना भरण पोषण अच्छे से कर पाएं।
पूर्व सीएम की घोषणा अभी तक अधूरी
आशा उषा कार्यकर्ता संगठन की प्रदेश का अध्यक्ष नर्मदा ठाकरे ने कहा कि विगत कई वर्षों से आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों को सेवाएं देती आ रही हैं। कोरोना काल में जिस प्रकार से अपनी जान की परवाह ना करते हुए जन समुदाय के बीच वरदान साबित हुई है। एक बेहतर शासकीय सेवा देने में 24 घंटे तैयार रहती है, किन्तु दुर्भाग्य से कहना पड़ रहा है कि बहुत बार मांग करने के बावजूद पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा 29 जुलाई को महा पंचायत मे वार्षिक वेतन 1000 रुपये की वृद्धि की घोषणा की गई थी। परंतु आज इसको पूरा नहीं किया गया। यही वजह है कि हमें आंदोलन करने पर विवश होना पड़ा। मांगों को लेकर सरकार से आग्रह करते है कि हमारी मांग मानकर गौरवशाली इतिहास बनाएं।