फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal: देश भर के 600 एलपीजी वितरक कल पहुंचेंगे भोपाल, एसोसिएशन के राष्ट्रीय अधिवेशन में बनेगी आगे की रणनीति

Fri, 18 Apr 2025 05:35 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

LPG distributors: एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन का राष्ट्रीय अधिवेशन कल राजधानी भोपाल में आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन में देश भर के 600 से ज्यादा एलपीजी वितरक शामिल होंगे।इस दौरान आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
विज्ञापन
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन की प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) का राष्ट्रीय अधिवेशन कल शनिवार को होगा। यह अधिवेशन सुबह साढ़े दस बजे भोपाल के समन्वय भवन, टीटी नगर में आयोजित किया जाएगा। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से करीब 600 एलपीजी वितरक भाग लेंगे। जिसमें प्रमुख रूप से तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, झारखंड, यूपी समेत कई राज्य शामिल हैं। अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य वितरकों की लंबित मांगों पर मंथन करना और आंदोलन की रणनीति तैयार करना है।
विज्ञापन



कमीशन में वृद्धि को लेकर रखेंगे अपनी मांग
अधिवेशन को लेकर भोपाल में शुक्रवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने कहा कि हम लोगों के घर पर गैस सिलेंडर पहुंचा रहे हैं। वहीं आज भी वितरकों को 40 किलोमीटर दूर तक गैस सिलेंडर पहुंचाने पर केवल 35 रुपए मिलते हैं। जो इस महंगाई में बहुत कम है। इसलिए हम कमीशन में वृद्धि को लेकर अपनी मांग करेंगे। वहीं तेल कंपनी अपना घाटा पूरा करने के लिए हम पर जुर्माना लगाती हैं। जैसे उज्ज्वला योजना में लोग सिलेंडर महंगा होने से लकड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब इसके लिए डीलर कैसे जिम्मेदार है। वो इसकी रिकवरी डीलर से करना चाहते हैं।

यह भी पढ़े-वीवीआईपी एरिया में सरकारी मकान के आंगन में मजार, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच की मांग
विज्ञापन
विज्ञापन


25 से 50 लाख तक का लगाया गया जुर्माना

उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष राय ने कहा कि उज्ज्वला योजना में हम सब डाटा फीडर थे और डाटा फीडर होने के बावजूद हम लोगों से बार-बार पैसे की वसूली की जाती थी। कहा गया कि हमने गलत कनेक्शन जारी किया। जब सॉफ्टवेयर तेल कंपनियों का था सारी व्यवस्थाएं उनकी थी हमने तो केवल फॉर्म लिया और उसमें डाटा फीड किया है। कनेक्शन को भी उन्होंने ही जनरेट किया था। हमने तो उसको सिर्फ इंस्टॉल किया है। अब अगर इंस्टॉल होने के बाद भी वह कनेक्शन नहीं मिल रहा है या फेक है तो इसके लिए सॉफ्टवेयर जिम्मेदार है न कि हम। लेकिन हम पर 25 से 50 लाख तक का जुर्माना लगाया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें