साइबर जालसाज कभी लॉटरी के नाम पर तो कभी किसी निवेश के नाम पर देश की भोलीभाली जनता को ठग रहे हैं। साइबर जालसाज अपना पैंतरा भी बदलते रहते हैं और ठगी का तरीका भी। बीते महीनों से बदमाश अब शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी कर रहे हैं।
ऐसे ही एक मामले में भोपाल निवासी व्यक्ति से शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर सवा करोड़ की ठगी की गई है। घटना के आठ माह बाद भोपाल साइबर क्राइम पुलिस ने पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में बैठकर लोगों से की जा रही ठगी की राशि को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के पांच बदमाशों को पश्चिम बंगाल के कूच बिहार और महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी अपने-अपने क्षेत्र के लोगों को लालच देकर बैंक खाते खुलवाते और साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बेच दते हैं। भोपाल में हुई सवा करोड़ की ठगी की राशि इन्हीं आरोपियों के द्वारा साइबर जालसाजों को बेचे गए बैंक खातों में ट्रांसफर हुई है। यह जालसाज अब तक कितने बैंक खाते बेच चुके हैं और उन बैंक खातों में कितने करोड़ का ट्रांजेक्शन हो चुका है, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है।
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डीसीपी क्राइम अखिल पटेल ने बताया कि भोपाल निवासी आनंद सिंह ने जुलाई 2024 में पुलिस में शिकायत की थी कि अप्रैल 2024 में उनके वाट्सएप नंबर को अज्ञात व्यक्ति द्वारा सी-57 नामक वाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया। इसके बाद उस ग्रुप पर शेयर मार्केट में निवेश के लिए विज्ञापन और वेइसाइटों की लिंक आना शुरू हो गईं। एक दिन अलग-अलग मोबाइल नंबर से वाट्सएप पर निवेश के नाम पर ऑफर आए और केजी अलवर्ड नाम की महिला ने निवेश के संबंध में बात की।
उसने बताया कि मेरी कंपनी एस्स्ल कंपनी में निवेश कराकर कम समय में मोटा मुनाफा देती है। इसके बाद निवेश के लिए एसीवीवीएल ऑनलाइन नामक एप्लीकेशन की लिंक भेजी, जिसे डाउनलोड करने के बाद उपयोग करने के लिए यूजर नेम एवं पासवर्ड दिया गया था। पैसे जमा करने के लिये वाटसअप पर अकाउण्ट नंबर दिया गया। इसके बाद फरियादी ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 21 मई 2024 से पांच जुलाई 2024 तक करीब एक करोड़ 22 लाख पचास हजार रुपये निवेश के नाम पर जालसजों द्वारा बताए गए बैंक खातों और ऑनलाइन जमा करा दिए गए।
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प्रॉफिट निकालना चाहा तो पता चला ठगी हो गई
जालसाजों ने शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया था। फरियादी आनंद सिंह ने जुलाई महीने में जब प्रॉफिस निकालना चाहा तो जाजसालों ने बताया कि प्रॉफिट का 20 प्रतिशत आपको जमा करना होगा। इसके पहले विश्वास जमाने के लिए जालसाज निवेश की गई पूरी रकम भी लौटा चुके थे। इसके बाद फरियादी को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने भोपाल साइबर क्राइम पुलिस के पास शिकायत की थी। शिकायत जांच में पता चला कि पश्चिम बंगाल के कूच बिहार और महाराष्ट्र के नामपुर के जालसाजों द्वारा बेचे गए बैंक खातों में राशि ट्रांसफर हुई है।
मोटी रकम जमा होते ही ऐप से विड्रॉल बंद कर दकते थे
डीसीपी पटेल ने बताया कि जालसाज इतने शातिर हैं कि ठगी की रकम कम रहती है तो ऐप के जरिए पैसे निकालने की सुविधा देते हैं, ताकि फरियादी को उन पर विश्वस जम जाए। विश्वास जमने के बाद फरियादी जब मोटी रकम निवेश कर देता है तो आरोपी टैक्स के नाम पर और पैसो की मांग करते थे। एप पर अधिक पैसा जमा होने पर विथड्रोल को बंद कर देते हैं। और लोगों द्वारा किए गए निवेश को अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे, जिसके बाद निवेश की राशि भी नहीं पता चलती थी।
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यह आरोपी पकड़ाए
पुलिस ने जांच के बाद मुस्तफा मुशारफ हुसैन पिता अल्ताफ हुसैन, निहार आलम पिता जहांगीर आलम एवं आशीकुल हक पिता अमीनुर हक को कूचबिहार एवं तामस गणेश शेडमाके पिता गणेश शेडमाके, पिन्टू सुरेश सिंह बैस पिता सुरेश सिंह बैंस को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, 2 चेकबुक और बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।