बीएमएचआरसी के पैथोलॉजी विभाग में नई एवं अत्याधुनिक एचपीएलसी एचपीएलसी हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमेटोग्राफी मशीन का लोकार्पण किया। यह मशीन डायबिटीज के लिए ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन की जांच में काम आती है। इसके अलावा थैलीसीमिया और सिकल सेल एनीमिया की जांच के लिए भी इस मशीन का प्रयोग किया जाता है। इस दौरान भोपाल से लोकसभा सांसद अलोक शर्मा ने कहा है कि मैं भी भोपाल मेमोरियल अस्पताल का एक सदस्य हूं। यह अस्पताल बीते 25 वर्षों से मरीजों को बहुत अच्छी तरीके से सेवाएं दे रहा है। हम सब मिलकर इस अस्पताल को और बेहतर बनाएंगे। यहां जिन भी मशीनों और उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। मुझे मरीजों की आवश्यकता और बीएमएचआरसी की बेहतरी के लिए जो भी प्रस्ताव प्राप्त होंगे, उन्हें स्वीकृत करूंगा।
मरीजों का हालचाल भी जाना
शर्मा ने बीएमएचआरसी में अपनी विजिट के दौरान सर्वप्रथम अस्पताल में भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों की याद में बनाए गए स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और स्मारक परिसर पर पौधारोपण किया। उन्होंने धन्वंतरि जयंती के मौके पर ओपीडी परिसर में स्थित भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की। इसके बाद अस्पताल का भ्रमण किया। उन्होंने मरीजों से हालचाल भी जाना। शर्मा अस्पताल द्वारा मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं से संतुष्ट नजर आए। इसके बाद शर्मा पैथोलॉजी विभाग पहुंचे, जहां उन्होंने ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन की जांच में काम आने वाली एचपीएलसी मशीन का लोकार्पण किया।
बीएमएचआरसी का यह रजत जयंती वर्ष
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि बीएमचआरसी गैस पीड़ित व अन्य मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बीएमएचआरसी का यह रजत जयंती वर्ष है और इन 25 वर्षों के दौरान अस्पताल में एक करोड़ से ज्यादा मरीजों की विजिट हो चुकी है। संस्थान भारत सरकार के सिकल सेल उन्मूलन और टीबी उन्मूलन मिशन में अपना योगदान दे रहा है। शर्मा ने कहा कि मैंने भोपाल गैस त्रासदी अपनी आंखों से देखी है और बहुत भयानक मंजर था वह। मैं बीएमएचआरसी को बधाई देता हूं कि वे विगत 25 वर्षों से गैस पीड़ित एवं अन्य मरीजों की सेवा कर रहे हैं। मैं प्रयासरत हूं कि मैं भोपाल को त्रासदी के शहर की छवि से बाहर लाकर इस शहर में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य जीवन के प्रति आश्वस्त कर सकूं।