राजधानी के ऐशबाग इलाके में मंगलवार सुबह मंडला में पदस्थ एक एएसआई ने घर में घुसकर पत्नी और साली की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। दंपती के बीच पिछले पांच-छह सालों से पारिवारिक कलह चल रही थी। आरोपी एएसआई मंडला में पदस्थ है, जबकि उसकी पत्नी अपनी बहन के साथ भोपाल में रह रही थी।
घटना के समय आरोपी नौकरानी को धक्का देकर घर में घुसा और अंदर जाकर दरवाजा बंद कर लिया था। नौकरानी ने आसपास के लोगों को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन उसके पहले ही एएसआई पत्नी और साली की हत्या के बाद मौके से फरार हो गया। आरोपी दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर भागते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ। देर शाम उसे मंडला पुलिस की मदद से मंडला में गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी जोन क्रमांक-1 प्रियंका शुक्ला ने बताया कि मूलतः बालाघाट निवासी विनीता (38) की शादी कई साल पहले योगेश मरावी के साथ हुई थी। योगेश पुलिस विभाग में एएसआई है और वर्तमान में मंडला जिले के मवई थाने में पदस्थ है। दंपती के कोई संतान नहीं है। पिछले कुछ सालों से दोनों के बीच पारिवारिक कलह चल रही थी, जिसके चलते विनीता अपनी छोटी बहन मेघा उइके (32) के साथ भोपाल में रह रही थी। मेघा पद्मनाभ नगर स्थित सिम्मी अपार्टमेंट फेस-3 की दूसरी मंजिल पर रहती थी और शासकीय विभाग में लेखा अधिकारी के पद पर पदस्थ थी।
नौकरानी ने खटखटाया दरवाजा
मंगलवार सुबह हुई हत्या की घटना मंगलवार सुबह दोनों बहनें घर पर ही थीं। सुबह करीब साढ़े दस बजे घरेलू काम करने वाली नौकरानी सेवंती बाई ने दरवाजा खटखटाया तो विनीता ने खोला। नौकरानी अंदर जाती, उसके पहले वहां पहले से मौजूद विनीता के पति योगेश मरावी ने उसे धक्का देकर नौकरानी को घर में जाने से रोका और खुद कमरे के अंदर घुसकर भीतर से दरवाजा बंद कर लिया। योगेश के भीतर पहुंचते ही अंदर से महिलाओं की बचाओ-बचाओ की आवाज आने लगी।
बाहर खड़ी सेवंती बाई ने पड़ोसी का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वह तुरंत नहीं खुला। सेवंती बाई किसी और को बुला पाती, उसके पहले योगेश बाहर निकला और दरवाजे पर लटके ताले में चाबी डालकर चला गया। पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो योगेश एक झोला लेकर आते-जाते हुए दिखाई दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर दोनों के शवों को पीएम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया।
हत्या की नीयत से ही कार लेकर आया था भोपाल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि योगेश मरावी पहली बार अपनी पत्नी के पास नहीं आया था, इसके पहले भी वह कई बार आया था और हंगामा मचा चुका था। लेकिन पत्नी और साली सामाजिक रिश्तों को देखते हुए घर की बात किसी को बताती नहीं थीं, पड़ोसियों को आवाज से विवाद का पता चल जाता था। योगेश मंडला से कार लेकर ड्राइवर के साथ हत्या करने के इरादे से ही आया था।
पूछताछ में उसने बताया कि योजना पहले बना ली थी, हत्या के लिए चाकू पहले से खरीदकर रखा था। वह इस तैयारी में था कि अगर पत्नी साथ चलने को तैयार नहीं हुई तो उसकी हत्या कर दूंगा। हत्या के बाद भोपाल से भागते समय उसकी कार का नंबर सीसीटीवी में कैद हुआ था। कार नंबर के आधार पर भोपाल पुलिस ने बालाघाट और मंडला पुलिस को सूचना दी थी।
देर शाम मंडला में पकड़ा
मंगलवार देर शाम मंडला में वाहन चेकिंग के दौरान योगेश मरावी कार के साथ पकड़ा गया। आरोपी को मंडला जिले के नैनपुर थाने की चौकी पिंडरई में पकड़ा गया है। भोपाल की पुलिस की टीम उसे लेने मंडला पहुंच गई है।