सार
MP News: मजहबी यात्रा उमराह के लिए सऊदी अरब पहुंचीं प्रदेश के बैतूल की रहने वाली एक महिला की मदीना में मौत हो गई। उनके इंतकाल के बाद परिजन में से एक व्यक्ति सऊदी अरब रवाना हुए हैं। कोशिश की जा रही है कि उनके पार्थिव शरीर को वापस घर लाया जाए, लेकिन इस प्रक्रिया में लगने वाले समय के चलते उन्हें मदीना में ही सुपुर्द ए खाक करने पर विचार किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक बैतूल से उमराह करने हाजी अकीला बी की एक सड़क हादसे में सोमवार को मौत हो गई। वे सऊदी अरब के जद्दा में पिछले गुरुवार से एक अस्पताल में भर्ती थीं। उनके साथ भोपाल की भी एक हाजी महिला घायल हुई है। जिनकी हालत ठीक बताई जा रही है। अकीला भोपाल से गए 5 हाजियों के ग्रुप में शामिल थीं।
एक माह पहले हुईं थीं रवाना
जानकारी के मुताबिक बैतूल की रहने वालीं अकीला बी एक माह पहले भोपाल की एक टूर कम्पनी के जरिए उमराह करने के लिए रवाना हुईं थीं। बताया जा रहा है कि वे पिछले सप्ताह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। टूर ऑपरेटर जाहिद खान ने बताया कि मृतिका अकीला भोपाल से गए टूर में पांच हाजियों के साथ शामिल हुई थीं। उनकी यात्रा पूरी हो गई थी।
वे भारत लौटने के लिए जद्दा एयरपोर्ट भी पहुंच गई थीं। लेकिन एयरपोर्ट के पास चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिसमें यह बस डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई थी। इसमें कई यात्री घायल हुए थे। जिनमें भोपाल के टूर के दो यात्री शामिल थे। जिनमें बैतूल की अकीला बी और भोपाल की नफीसा शामिल हैं। इनमें अकीला बी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। जिनके बाएं हाथ में चोट आई थी। जिसके लिए उनका मेजर ऑपरेशन करना पड़ा था। लेकिन उन्होंने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
शव भारत लाने की तैयारी
अकीला बी के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि मृतिका के शव को इंडिया लाने के लिए एक परिजन जद्दा पहुंचे है। लेकिन फिलहाल परिवार में फैसला किया जा रहा है कि उनकी देह यहां लाई जाए या फिर उन्हें जद्दा में ही सुपुर्द ए खाक कर दिया जाए। टूर ऑपरेटर ने बताया कि यदि शव इंडिया लाया जाता है तो इसमें लगने वाली प्रक्रिया में दो से तीन दिन या उससे ज्यादा दिन का भी समय लग सकता है। गौरतलब है कि मृतिका अकीला बी बैतूल में पहलवान बाबा दरगाह के खादिम रहे स्व फैज मोहम्मद की पत्नी थीं।
क्या है उमराह
साल में एक बार होने वाली हज यात्रा के अलावा पूरा साल उमराह का सिलसिला चलता है। मक्का मदीना की जियारत के अलावा इबादत के इस सफर पर अकीदतमंद 14 से 20 दिन तक के लिए जाते हैं। माह ए रमजान में यह सफर पूरे महीने का होता है। निजी टूर ऑपरेटर्स इसके लिए 90 हजार से लेकर सवा लाख रुपए तक लेते हैं। जिसमें सफर की पूरी सुविधा उनके द्वारा मुहैया कराई जाती हैं।