मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें महिला ने आठ साल से लापता अपने पति को खोज निकाला है। हालांकि जब पति की जानकारी मिली तो पता चला कि उसने किसी दूसरी महिला से शादी कर ली है। अब महिला ने अपने बच्चों के भरण-पोषण को लेकर फैमिली कोर्ट में मामला दर्ज करवाया है।
कोर्ट में मामला आने के बाद दोनों पत्नियों और पति को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया। इसमें पति ने बताया कि काम के दौरान उसे उसके दोस्त की बहन से प्यार हो गया था और दोनों ने साल 2013 में भोपाल में शादी कर ली थी और दोनों ने अपने नए पते के बारे में किसी को नहीं बताया था। इस मामले पर प्रधान न्यायाधीश आरएन चंद सुनवाई कर रहे हैं और काउंसलिंग शैल अवस्थी द्वारा की जा रही है।
क्या है मामला ?
काउंसलिंग में सामने आया कि महिला की उसके पति से साल 2008 में शादी हुई थी और दोनों के चार बच्चे हैं। महिला का पति ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता था। इस दौरान उसे अपने दोस्त की बहन से प्यार हो गया और दोनों ने साल 2013 में दूसरी शादी कर ली।
दूसरी पत्नी के साथ भी पति के दो बच्चे हैं। पहली पत्नी आगरा में अपने चार बच्चों के साथ रहती है और किसी तरह अपने बच्चों का लालन-पालन करती है। एक दिन अचानक महिला को अपने किसी रिश्तेदार से पता चला कि उसका पति भोपाल में रहता है।
हालांकि महिला ने इस पर सूझबूझ से फैसला लिया और कहा कि वो इस मामले पर कोई शिकायत नहीं दर्ज कराना चाहती, पति दूसरी पत्नी के साथ रहे लेकिन उसकी भी जिम्मेदारी उठाए। महिला का कहना है कि पति उसे बच्चों का पालन-पोषण के लिए हर महीने 40,000 रुपये दे।
रिश्तेदार के बताए पते पहुंची महिला
महिला अपने 12 साल के बेटे के साथ भोपाल आई और रिश्तेदार की ओर से बताए गए पते पर पहुंची। हालांकि महिला के पति ने चार साल पहले ही वहां से घर खाली कर दिया था। इसके बाद महिला ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि उसका पति करोंद में रह रहा है।
महिला को 40,000 रुपये प्रति माह देने को तैयार हुआ पति
काउंसलिंग के दौरान पति और पत्नी को समझाया गया कि उन्होंने जो गलती की है, वो माफी के लायक नहीं है। ये पहली पत्नी का बड़प्पन है कि वो दोनों की शादी को स्वीकार कर रही है। महिला केवल बच्चों के भरण-पोषण की मांग कर रही है। इसके बाद पति ने पहली पत्नी को 40,000 रुपये हर माह देने के लिए तैयार हो गया।