पीएम मोदी का वेलकम करते प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा।
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आजादी के अमृत काल को ध्यान में रखकर मोदी सरकार देश को 2047 तक हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। मोदी ने चायनीज सामानों की आमद को कम करने का बीड़ा उठाया, जिसके परिणामस्वरूप बीते नौ सालों में हमारे स्वदेशी सामानों की मांग दुनिया भर में कई गुना बढ़ चुकी है। प्रधानमंत्री का नारा है ‘लोकल के लिए वोकल’। उनका संकल्प है कि भारत के लोगों के परिश्रम से बने सामान को मान-सम्मान मिले। देश की समृद्धि के लिए स्वदेशी अपनाकर भारत की कला, संस्कृति और सभ्यता को जीवित रखा जाए। इसका प्रभाव उस समय साफ तौर पर देखा गया, जब हम खिलौने के विश्व में सबसे बड़े निर्यातक बन गए।
साल 2014 में अनेक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री बनने के बाद सामरिक व आर्थिक मोर्चों पर ही नहीं बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी नरेंद्र मोदी जी ने अनेक नवाचार किए हैं। नौ साल के दौरान भाजपा सरकार द्वारा लाई गई योजनाओं के कारण समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लोगों की जिंदगी में जबरदस्त बदलाव आए हैं। दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य मिशन के रूप में आयुष्मान भारत योजना से 23 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की गारंटी देना, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के लिए 3.5 करोड़ घर बनाना और समय सीमा में 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाना, पीएम गरीब कल्याण योजना में 80 करोड़ लोगों को अनाज देना, 74 नए एयरपोर्ट, 54 हजार किमी नए हाईवे का निर्माण, 7 नए आईआईएम-आईआईटी और 370 नए विश्वविद्यालय, सुशासन व विकास की दिशा में मील का पत्थर हैं।
भारतीयता के अनुरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू कर मोदी सरकार ने सच्ची स्वाधीनता की नींव रखी है। नौ साल पीछे मुड़कर देखें तो पता चलता है कि हमारे न जाने कितने प्रतिभाशाली खिलाड़ी अभाव के चलते आगे नहीं बढ़ सके। ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से देश का माथा दुनिया में ऊंचा हो रहा है। अंतिम पायदान पर खड़ा प्रतिभाशाली खिलाड़ी अब शीर्ष पर पहुंचकर अपने सपने पूरे कर रहा है। मोदी जी की रुचि, उनके प्रोत्साहन और संवाद ने देश की खेल भावना को नई ऊंचाई दी है। आंकड़े गवाह हैं कि हर खेल में भारतीय खिलाड़ी इतिहास रच रहे हैं।
सरकार की योजनाएँ तब अद्भुत परिणाम देती हैं, जब उनको लागू करने वाले नेतृत्व की नीयत साफ हो। शीर्ष पद पर रहते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी ने किशोरों, युवाओं, दिव्यांगों, महिलाओं, बुजुर्गों, उद्यमियों, लोकसेवकों सहित सभी से संवाद का संबंध बनाया है। उन्होंने सभी वर्गों को मोटिवेट व जागृत किया है और पंचप्रण जैसे संकल्पों में सबका साथ लेकर भारत को परम वैभव के मार्ग पर पुनः उन्मुख किया है। प्रधान सेवक के तौर पर उनके इस अवदान को स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। देश के लोकतांत्रिक इतिहास में नरेंद्र मोदी जी को मिला जनादेश भारत में परिवर्तन और प्रगति के लिए था। नवाचारों के जरिए राष्ट्रीय पुनर्निर्माण कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल भारतीय लोकतंत्र में कालजयी बन गया है।
- लेखक, लोकसभा सांसद एवं मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हैं।