राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर मध्य प्रदेश में आयुर्वेद के विस्तार के लिए 184 करोड़ रुपये से अधिक की 25 परियोजनाओं की सौगात दी गई। डिंडौरी में 102 करोड़ रुपये के आयुर्वेद महाविद्यालय का शुभारंभ हुआ, जबकि भोपाल का हर्बल गार्डन आम लोगों के लिए खोल दिया गया। प्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
मध्य प्रदेश में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नए महाविद्यालयों और आयुष सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाया है। बुधवार को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 184 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 25 आयुष भवनों, अस्पतालों और महाविद्यालयों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान डिंडौरी में 102 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आयुर्वेद महाविद्यालय का शुभारंभ किया गया। वहीं भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में तैयार स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन और हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस को भी जनता के लिए खोला गया।
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9 नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय स्थापित करने की शुरुआत की गई है। अभी प्रदेश में 9 आयुष महाविद्यालय संचालित हैं, जबकि 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय निर्माणाधीन हैं। सरकार के अनुसार आयुष विभाग के बजट में वर्ष 2002-03 की तुलना में 16 गुना वृद्धि हुई है। पर्यटन स्थलों पर 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी विकसित किए जा रहे हैं।
25 आयुष भवनों पर 184 करोड़ से अधिक का काम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुल 25 आयुष भवनों, अस्पतालों और महाविद्यालयों से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें करीब 4.70 करोड़ रुपये की लागत से बने 12 आयुष भवनों का लोकार्पण और करीब 179 करोड़ रुपये की लागत से 13 भवनों की आधारशिला शामिल है। डिंडोरी के नए आयुर्वेद महाविद्यालय को जनजातीय बहुल क्षेत्र में आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया।
भोपाल का हर्बल गार्डन अब आम लोगों के लिए खुला
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय में तैयार 6 एकड़ के स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का लोकार्पण हुआ। इसके साथ ही हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस में आम लोगों के प्रवेश की शुरुआत भी की गई।
इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर जल्द फैसला
कार्यक्रम में आयुष इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग भी उठी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस विषय पर आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार से चर्चा के बाद निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने इंटर्न चिकित्सकों को जल्द ही इस मामले में शुभ समाचार मिलने की बात कही।
प्रदेश में 1773 आयुर्वेदिक औषधालय
आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आयुष विंग संचालित हैं। उनके अनुसार वर्ष 2023 तक प्रदेश में 7 आयुर्वेदिक तथा 2 होम्योपैथी और यूनानी महाविद्यालय थे। अब 9 आयुष महाविद्यालय संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आयुर्वेद को बीमारी के इलाज के साथ बचाव और संतुलित जीवनशैली से जोड़ते हुए कहा कि आहार, विचार और व्यवहार में संतुलन स्वस्थ जीवन का आधार है। उन्होंने योग और आयुर्वेद को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।