मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन की रफ्तार कम है। अब तक 19,100 शिक्षकों ने ही फॉर्म भरा है। कम आवेदन को देखते हुए परीक्षा के लिए आवेदन का समय एक बार फिर बढ़ाने की तैयारी है। गुरुवार को लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों की बैठक में तय होगा कि शिक्षकों को एक सप्ताह या 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा कराई जा रही है। पहले परीक्षा के लिए आवेदन कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से लिए जा रहे थे। अब शासन ने परीक्षा कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल को दी है। एजेंसी बदलने के बाद मंडल अब परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की संख्या के आधार पर आगे की तैयारी करेगा।
कम आवेदन के बाद फिर बढ़ेगी आवेदन की तारीख
टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अपेक्षाकृत कम फॉर्म आए थे। इसके चलते आवेदन की अंतिम तारीख पहले भी बढ़ाई गई थी। अब 16 सितंबर तक करीब 19,100 आवेदन ही हुए हैं। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने के लिए आवेदन की अवधि फिर बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। गुरुवार को होने वाली बैठक में नई अंतिम तारीख तय की जाएगी। इसके बाद एमपी ऑनलाइन और संबंधित विभाग को आवेदन अवधि बढ़ाने की जानकारी दी जाएगी।
एक सप्ताह या 15 दिन का मिल सकता है समय
अधिकारियों की बैठक में मुख्य रूप से आवेदन की अवधि कितने दिन बढ़ाई जाए, इस पर फैसला होना है। एक सप्ताह और 15 दिन दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। निर्णय के बाद शिक्षकों को आवेदन करने के लिए नई अंतिम तारीख उपलब्ध होगी। इससे उन शिक्षकों को भी परीक्षा में शामिल होने का मौका मिल सकेगा, जो अभी तक किसी कारण से आवेदन नहीं कर पाए हैं।
दिसंबर में हो सकती है परीक्षा
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा की तैयारी के लिए करीब दो महीने का समय लग सकता है। इसलिए फिलहाल दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में टीईटी कराने की संभावना है। हालांकि परीक्षा की निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने और परीक्षार्थियों की अंतिम संख्या सामने आने के बाद परीक्षा कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
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आवेदकों की संख्या के हिसाब से बनेंगे परीक्षा केंद्र
मंडल के सामने फिलहाल सबसे पहला काम परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की संख्या तय करना है। इसी संख्या के आधार पर परीक्षा केंद्र, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियां की जाएंगी। कम आवेदन को देखते हुए आवेदन की तारीख बढ़ाने का फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, ताकि पात्र शिक्षक परीक्षा से वंचित न रह जाएं। गुरुवार की बैठक के बाद आवेदन की नई तारीख को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो रही परीक्षा
शिक्षकों की पात्रता परीक्षा कराने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा के आयोजन के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल को एजेंसी बनाया है। अब मंडल आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा आयोजन की तैयारियां आगे बढ़ाएगा।
फिलहाल 19,100 आवेदन आने के बाद विभाग की नजर अतिरिक्त आवेदन पर है। गुरुवार को होने वाली बैठक के बाद यह स्पष्ट होगा कि शिक्षकों को फॉर्म भरने के लिए कितना अतिरिक्त समय दिया जाएगा और परीक्षा की आगे की प्रक्रिया किस तारीख से चलेगी।