मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल के अनंततारा प्रोजेक्ट में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। साथ ही बिल्डर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामला ग्रीन फॉरेस्ट एरिया में 203 पेड़ के काटने का है। बिल्डर ने नगर निगम से पेड़ काटने की अनुमति ली थी। एक हफ्ते में नगर निगम ने यह कहते हुए अनुमति निरस्त कर दी कि जमीन ग्रीन फॉरेस्ट एरिया की है। वन विभाग की जमीन है। इस बीच बिल्डर ने पेड़ काट दिए।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस शील नागू और जस्टिस पीके कौरव की बेंच ने सतीश नायक की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर यह रोक लगाई है। नायक ने याचिका में कहा था कि चंदनपुर इलाके में बिल्डर राजेश परासानी ने अनंततारा प्रोजेक्ट शुरू किया है। बिल्डर यह प्रोजेक्ट ग्रीन फॉरेस्ट की जमीन पर बना रहा है। बिल्डर ने नगर निगम के तत्कालीन उपायुक्त मनोज कुमार आर्य से मार्च महीने में 203 पेड़ काटने की अनुमति हासिल की। उपायुक्त ने एक हफ्ते बाद ही जमीन को ग्रीन फॉरेस्ट क्षेत्र बताते हुए अनुमति निरस्त भी कर दी थी।
बिल्डर पर सांठ-गांठ का आरोप
याचिका में कहा गया है कि बिल्डर ने संबंधित विभाग से सांठ-गांठ कर ग्रीन फॉरेस्ट को डेवलप करने की योजना बनाई। साथ ही वह जमीन की खरीद-फरोख्त कर रहा है। सतीश नायक की ओर से अधिवक्ता ध्रुव वर्मा ने कहा कि उपायुक्त ने पेड़ काटने की गलत अनुमति जारी की। जब पेड़ कट गए तो अनुमति निरस्त कर दी। बिल्डर अब लोगों को यह जमीन बेच रहा है। इसके बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं।