भोपाल में टीकाकरण के बाद दो माह की बच्ची की मौत हो गई।
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र की नवजीवन कॉलोनी में दो माह की बच्ची की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने टीकाकरण को लेकर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि 14 अगस्त को आंगनवाड़ी केंद्र में पोलियो की दवा पिलाने और टीकाकरण के बाद बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार ने दवा की मात्रा अधिक दिए जाने और तीन इंजेक्शन लगाए जाने का भी दावा किया है। गंभीर हालत में बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मृतका की पहचान लक्ष्मी पिता हलके राम (2 माह) के रूप में हुई है। वह नवजीवन कॉलोनी, छोला की रहने वाली थी। परिवार मूल रूप से सिरोंज का निवासी है। परिजनों के मुताबिक लक्ष्मी परिवार की इकलौती बेटी थी और उसका एक बड़ा भाई है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि 14 अगस्त को लक्ष्मी को नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी केंद्र ले जाया गया था। वहां बच्ची को पोलियो की सात बूंद दवा पिलाई गई और टीकाकरण किया गया। परिवार का कहना है कि इसी दौरान बच्ची को तीन इंजेक्शन भी लगाए गए। टीकाकरण और दवा दिए जाने के बाद बच्ची को घर लाया गया, लेकिन कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
हालत गंभीर होने पर अस्पताल में कराया भर्ती
बच्ची की हालत खराब होने पर परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्ची का इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उपचार के दौरान रविवार सुबह बच्ची ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजनों ने टीकाकरण के दौरान दी गई दवाओं और उनकी मात्रा को लेकर सवाल उठाए हैं।
ये भी पढ़ें-
भोपाल निगम की बैठक 19 अगस्त को, असली समस्याएं एजेंडे से बाहर, बारिश, जलभराव और सफाई पर नहीं होगी चर्चा
पिता ने लगाया ओवरडोज का आरोप
बच्ची के पिता हलके राम ने बताया कि दो माह की बच्ची को पोलियो की सात बूंद दवा पिलाने के साथ तीन इंजेक्शन लगाए गए थे। उनका दावा है कि दवा के ओवरडोज के कारण बच्ची की तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। हालांकि, फिलहाल यह केवल परिजनों का आरोप है। पुलिस जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्ची की मौत का टीकाकरण या किसी दवा से कोई संबंध था या नहीं।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच, पीएम रिपोर्ट का इंतजार
छोला थाना प्रभारी सरस्वती तिवारी ने बताया कि परिजनों के कथनों में टीका लगाए जाने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक बच्ची की मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट में मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होने के साथ यह भी जांच का विषय होगा कि बच्ची की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और मौत का टीकाकरण, पोलियो की दवा, अन्य उपचार अथवा किसी अन्य कारण से कोई संबंध था या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।