भोपाल में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डेढ़ करोड़ रुपये की नशीली कफ सिरप बरामद कर तीन नाबालिगों समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह तीन स्तर पर काम करता था और नाबालिगों से पैकेजिंग कराई जाती थी।
राजधानी भोपाल में नशे के कारोबार के खिलाफ एसटीएफ ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नशीली कफ सिरप बरामद की है। मामले में तीन नाबालिगों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद एसटीएफ गिरोह के अन्य ठिकानों की तलाश में जुटी है। शनिवार को टीम मुबारकपुर इलाके में बनाए गए गोदाम की भी तलाशी लेने पहुंची।
जांच में सामने आया है कि मकान मालिक ने बिना सत्यापन किए भाटी नाम के व्यक्ति को किराये पर कमरा दिया था। भाटी ने यह जगह अकील खान को उपलब्ध कराई, जहां से नशीली कफ सिरप का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था। एसटीएफ अब भाटी परिवार और मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस पूरे रैकेट का सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि इसमें तीन नाबालिग बच्चों को भी शामिल किया गया था, जिन्हें पैकेजिंग और माल तैयार करने के काम में लगाया गया था।
कॉर्पोरेट स्टाइल में बंटा था तीन स्तरीय नेटवर्क
दूसरी टीम: स्टॉक मैनेजमेंट, री-ब्रांडिंग और ट्रांसपोर्टेशन
तीसरी टीम: नाबालिगों से पैकेजिंग
जांच में सामने आया कि गिरोह ने तीन नाबालिग बच्चों को भी इस काम में लगा रखा था। उनसे दिन-रात कफ सिरप की बोतलों की पैकेजिंग, रैपर बदलने और माल को पेटियों में भरने का काम कराया जाता था। पुलिस के मुताबिक बच्चों को पैसों का लालच देकर, नशे की लत लगाकर या डरा-धमकाकर इस काम में शामिल किया गया था।
मुबारकपुर में बनाया था गोदाम, जारी है छापेमारी
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद एसटीएफ को मुबारकपुर में बनाए गए गोदाम की जानकारी मिली, जहां कच्चा माल और पैक की गई बोतलें रखी जाती थीं। इसके बाद टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। पुलिस को आशंका है कि मुबारकपुर और आसपास के इलाकों में गिरोह के और भी ठिकाने या डंपिंग यार्ड हो सकते हैं। फिलहाल अकील खान के कुछ साथी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। बरामद कफ सिरप के सैंपल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की और सख्त धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।