सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा
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राजधानी भोपाल में कई सरकारी भवनों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। अब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के पुराने और जर्जर भवन को लेकर आयुक्त को पत्र लिखा है। पत्र में भवन की खस्ताहाली को चिन्हित करते हुए तत्काल नए भवन में शिफ्टिंग की मांग की गई है।CMHO ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान भवन की स्थिति बेहद दयनीय और असुरक्षित है। दीवारों में गहरी दरारें, छत से झड़ता प्लास्टर और हर ओर फैली सीलन से दफ्तर का वातावरण न सिर्फ असुविधाजनक बल्कि जानलेवा भी बनता जा रहा है। इस भवन में फिलहाल जिला स्वास्थ्य अधिकारी शाखा, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी, आईडीएसपी, एनसीडी, कोविड, स्वास्थ्य कार्यक्रम, और अन्य विभाग संचालित हो रहे हैं।
हालिया हादसों ने चिंता बढ़ाई
सरकारी भवनों की खस्ताहाली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। कुछ दिन पहले पीएम एक्सीलेंस हमीदिया कॉलेज का एक हिस्सा टूटकर तालाब में गिर गया था, जिससे शिक्षा विभाग के भवनों की स्थिति पर भी सवाल खड़े हुए थे। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से आया यह पत्र सरकार के लिए एक चेतावनी जैसा है कि विभागीय ढांचे को सुरक्षित करना अब जरूरी हो गया है।
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नया भवन तैयार, पर अस्थायी उपयोग में
CMHO कार्यालय के लिए जेपी अस्पताल परिसर में एक नया भवन पहले ही तैयार किया जा चुका है। लेकिन इसी दौरान सतपुड़ा भवन के उस हिस्से में आग लग गई, जहां से पहले स्वास्थ्य संचालनालय संचालित होता था। इस कारण, जेपी अस्पताल परिसर में बने नए भवन में फिलहाल संचालनालय को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है। अब सतपुड़ा भवन के प्रभावित हिस्से का रेनोवेशन कार्य शुरू हो चुका है। जैसे ही संचालनालय सतपुड़ा भवन में लौटेगा, नया भवन CMHO कार्यालय को सौंपा जाएगा।
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एक छत के नीचे होंगे सभी स्वास्थ्य विभाग
पत्र में यह भी उल्लेख है कि यदि नया भवन शीघ्र उपलब्ध कराया जाता है, तो स्वास्थ्य विभाग की सभी शाखाएं एक ही परिसर में समाहित हो सकेंगी। इससे जहां कर्मचारियों को सुरक्षित और बेहतर कार्यस्थल मिलेगा, वहीं जनसामान्य को भी स्वास्थ्य सेवाएं अधिक व्यवस्थित तरीके से मिल सकेंगी।