राजधानी भोपाल के जामा मस्जिद का विवाद बढ़ता ही जा रहा है। संस्कृति बचाव मंच ने जामा मस्जिद का सर्वे कराने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। संस्कृति बचाव मंच का दावा है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है।
संस्कृति बचाव मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने रविवार को एक वीडियो जारी कर बताया कि जामा मस्जिद को लेकर दायर की जाने वाली याचिका की तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि हमने 1908 का नवाब कालीन गजीटर भी एकत्रित कर लिया है। कल संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर को संस्कृति बचाओ मंच का प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन सौंपेगा और उनसे मांग करेगा कि यहां पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण कराया जाए। साथ ही संस्कृति बचाओ मंच ने पोस्ट द्वारा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय संस्कृति मंत्री, मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजा है। जिसमें सभी से मांग की है कि इसका पुरातत्व सर्वेक्षण कराकर इस स्थान को संरक्षित किया जाए।
संस्कृति बचाव मंच के संरक्षक चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार ज्ञानवापी में भगवान शिवलिंग मिला है। नंदी पहले से विराजमान हैं। उसी प्रकार चौक क्षेत्र में स्थित जामा मस्जिद का काम भी भोपाल की 8वीं शासिका कुदेसिया बेगम ने 1832 ई. में शुरू करवाया था, मस्जिद 1857 में बनकर तैयार हुई। बेगम ने 'हयाते कुदसी' में इस बात का ज़िक्र किया है कि जामा मस्जिद का निर्माण हिन्दुओं के एक पुराने मंदिर को तोड़ कर कराया गया है।