भोपाल की जामा मस्जिद मंदिर तोड़कर बनाने को लेकर मामला गरमाते जा रहा है। भोपाल शहर काजी ने जामा मस्जिद को लेकर लोगों से सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की पोस्ट या फोटो ना शेयर करने को कहा है।
शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने पत्र लिखकर कहा कि सोशल मीडिया पर जामा मस्जिद को लेकर अफवाए फैलाई जा रही है। जो सरासर गलत और गुमराह करने वाली है। जामा मस्जिद एक कदीमी मस्जिद है और इसके तमाम दस्तावेज मस्जिद कमेटी के पास मौजूद है। जिसके लिए जामा मस्जिद के सेक्रेटी से जानकारी ली जा सकती है। शहर काजी ने भोपाल की जनता से अपील की कि सोशल मीडिया पर इस मामले में किसी भी किस्म की कोई पोस्ट या मैसेज डालने से परहेज करें।
बता दें संस्कृति बचाव मंच ने मंदिर तोड़कर जामा मस्जिद बनाने का दावा किया है। संस्कृति बचाव मंच के संरक्षक चंद्रशेखर तिवारी ने सर्वे कराने की मांग की है। इसके लिए मंच के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री से भी मुलाकात की और अब कोर्ट में सर्वे कराने याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है।
संस्कृति बचाव मंच के संरक्षक चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार ज्ञानवापी में शिवलिंग मिला है। नंदी पहले से विराजमान हैं। उसी प्रकार चौक क्षेत्र में स्थित जामा मस्जिद का निर्माण हिन्दुओं के एक पुराने मंदिर को तोड़ कर कराया गया है। उन्होंने बताया कि इस बात का जिक्र कुदेसिया बेग ने हयाते कुदसी में किया है। जामा मस्जिद का निर्माण भोपाल की 8वीं शासिका कुदेसिया बेगम ने कराया था। जिसका निर्माण 1832 ई. में शुरू हुआ और मस्जिद 1857 में बनकर तैयार हुई।