भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वारेन एंडरसन को जिन लोगों ने भगाया, उनका अपराध अक्षम्य है।
भोपाल गैस कांड की बरसी पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस की तत्कालीन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी विश्व की सबसे बड़ी त्रासदी है। जब भी इसकी चर्चा होगी, यह विषय आएगा कि वारेन एंडरसन को किसने भगाया? जिन लोगों ने उसे भगाया उनका अपराध अक्षम्य है। अगर उसे गिरफ्तार किया होता तो पीड़ितों को मुआवजा और संसाधन मिलते। वे आज परेशान नहीं हो रहे होते।
वारेन एंडरसन एक ऐसा नाम है, जिसका जिक्र भोपाल गैस त्रासदी की हर बरसी पर होता है। दरअसल, यूनियन कार्बाइड का मालिक था वारेन एंडरसन। सात साल पहले 29 सितंबर 2014 को 92 साल की उम्र में एंडरसन की मौत हुई। वैसे तो वह 1986 में यूनियन कार्बाइड से रिटायर हो गया था, पर उसके भारत से बचकर निकलने को लेकर आज भी कांग्रेस को घेरा जाता है। त्रासदी के बाद एंडरसन भी भोपाल आया था। उसे सुरक्षित जाने दिया गया था।
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कू ऐप पर भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
- फोटो : सोशल मीडिया
भोपाल गैस कांड के दौरान भोपाल में कलेक्टर रहे मोती सिंह ने अपनी पुस्तक 'भोपाल गैस त्रासदी का सच' में यह किस्सा सुनाया है। मोती सिंह ने लिखा है कि 'वारेन एंडरसन को राज्य के उस समय के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के आदेश पर छोड़ा गया था। एंडरसन के खिलाफ पहली एफआईआर गैर जमानती धाराओं में थी। इसके बाद भी उसे जमानत मिल गई।' आरोप लगते रहे हैं कि एंडरसन को उस समय के प्रधान मंत्री राजीव गांधी के कहने पर अर्जुन सिंह ने देश से जाने दिया था। बताया जाता है कि पुलिस और प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने वारेन एंडरसन को विशेष विमान तक सरकारी वाहन से खुद छोड़ा था।