भोपाल गैंगरेप मामले पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला बोला है और आरोप लगाया कि केस को दबाने की हर कोशिश की गई है। अब सवाल उस मेडिकल रिपोर्ट पर खड़े होने लगे हैं, जिसमें बताया गया था कि यह रेप नहीं बल्कि इच्छा से बनाए गए संबंध का मामला है।
पीड़िता का मेडिकल सुल्तानिया जनाना हॉस्पिटल में 1 नवंबर को की गई थी। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक हॉस्पिटल प्रशासन ने बताया कि दो मेडिकल स्टूडेंट्स ने यह रिपोर्ट फाइल की थी। प्रशासन ने सफाई में कहा कि दोनों छात्रों की गलती की वजह से रिपोर्ट में गड़बड़ी हुई है और उनके खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया है।
कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा का कहना है कि पुलिस की ओर से पहले मामले में शिकायत दर्ज न करना और फिर रिपोर्ट के साथ गड़बड़ी साफ जाहिर करती है कि इस केस को रफा-दफा किए जाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी हेमंत श्रीवास्तव ने कहा कि रिपोर्ट गलत है, जिसे पुलिस भी खारिज करती है।
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बता दें कि मामले के बढ़ जाने के बाद राज्य सरकार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया। दरअसल, मध्यप्रदेश देश एक ऐसा राज्य है जो महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की वजह से सुर्खियों में रहता है।