भोपाल में रहे सीआईडी एसपी रहे अब्दुल खालिक अंसारी के बेटे ने सोमवार को अपने निधन के बाद शोकसभा में उनकी वसीयत पढ़ी तो वहां मौजूद हर व्यक्ति ने उनकी लाखों दुआएं दी। दरअसल मरहूम अंसारी अपनी पीछे एक ऐसी वसीयत छोड़ गए हैं जो अपने आप में अनोखा है।
अब्दुल खालिक अंसारी का 30 जनवरी को भोपाल में निधन हुआ। वे मुंगावली के रहनेवाले थे। अंसारी 1994 में भोपाल सीआईडी से सेवानिवृत एसपी थे।
सोमवार को जब शहर में सन्टॉप हाईस्कूल पुराना बाजार में उनके इंतकाल पर खिराजे अकीदत का आयोजन किया गया तो वहां उनके एडवोकेट बेटे एके अंसारी ने बार एसोसिएशन के सदस्यों और गणमान्य लोगों के सामने अपने पिता की वसीयत पढ़ी।
अपनी वसीयत में अंसारी ने अपने छह बेटे-बेटियों को 50-50 पेड़ लगाकर पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए कहा है।
इसके साथ ही अंसारी मुंगावली के जिस मोहल्ले में रहते थे, उसके चारों तरफ अलग-अलग धर्मों के धार्मिक स्थलों को एक लाख 35 हजार रुपये और बार एसोसिएश को 10 हजार रुपये देने की बात वसीयत में कही है।