राजधानी भोपाल के बहुचर्चित देह व्यापार और दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट से भोपाल के अधिवक्ता यावर खान को बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 17 जून 2026 के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में हाईकोर्ट के निर्णय में हस्तक्षेप करने का कोई औचित्य नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति नोंगमीकापम कोटिस्वर सिंह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने याचिका दायर करने में हुई देरी को तो माफ कर दिया, परंतु गुण-दोष के आधार पर राहत देने से इनकार करते हुए याचिका और उससे जुड़े सभी लंबित आवेदनों का निपटारा कर दिया। उल्लेखनीय है कि यह गंभीर मामला तब उजागर हुआ जब पॉक्सो अदालत में सुनवाई के दौरान नाबालिग पीड़िता ने अपनी गवाही में एडवोकेट यावर खान पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए।
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नाबालिग पीड़िता के कोर्ट में दिए बयान पर हुई है गिरफ्तारी
मानव तस्करी, देह व्यापार की शिकार नाबालिग पीड़िता ने भोपाल जिला अदालत में दर्ज कराए अपने बयान में बताया था कि यावर खान ने उसे अपने कार्यालय और बिट्टन मार्केट के समीप स्थित आवास पर बुलाकर कई बार उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता के अनुसार, शुरुआत में उसे वकील का नाम ठीक से याद नहीं था, लेकिन अदालत में किसी अन्य वकील का नाम आने पर उसे यावर खान का नाम स्मरण हो गया। पीड़िता के इन बयानों के आधार पर अदालत ने अशोका गार्डन पुलिस को नियमानुसार उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके उपरांत पुलिस ने यावर खान को गिरफ्तार कर चिकित्सीय परीक्षण कराया और न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
26 आरोपियों की संलिप्तता, 18 गिरफ्तार
यह पूरा प्रकरण मुख्य रूप से आशुतोष वाजपेयी व अन्य आरोपियों से जुड़ा हुआ है। एक नाबालिग के लापता होने और उसकी बरामदगी के बाद पुलिस की गहन जांच में दुष्कर्म के साथ-साथ मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस जांच के दौरान कुल 26 आरोपियों की संलिप्तता सामने आ चुकी है, जिनमें से 18 आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपी अभी भी फरार हैं। यह एक संगठित गिरोह बनाकर नाबालिग बच्चियों का अपहरण कर बेचते थे और उन्हें देह व्यापार के धंधे में धकेला जाता था। उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता यावर खान पर वर्ष 2013 में भी एक अन्य नाबालिग द्वारा दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया था, जिसमें हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त होने के कारण वह मामला अभी भी लंबित चल रहा है।